सागर- काल भैरवाष्टमी पर चमत्कार! बाबा भैरव ने किया “सोमरस” का पान, भक्तों ने देखा अद्भुत दृश्य!
सागर जिले के राहतगढ़ में आज काल भैरव अष्टमी पर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के वार्ड क्रमांक 7 में स्थित प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में बुधवार को विशेष पूजा-अर्चना और भव्य अनुष्ठान का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। पंडित सतीश सिलावट के नेतृत्व में भगवान भैरव की विशेष पूजन, हवन और अभिषेक विधि-विधान से संपन्न हुआ। भक्तों ने भैरव बाबा को दही-बड़े, पकोड़े, जलेबी, मालपुआ और विशेष “सोमरस” (मदिरा) का भोग लगाया।
सबसे अद्भुत क्षण तब आया जब भक्तों ने तांबे की थाली में सोमरस भरकर भैरव बाबा को अर्पित किया — और बाबा ने स्वयं सोमरस का पान किया! यह दृश्य देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु आश्चर्य और भक्ति से अभिभूत हो गए। पूरा मंदिर “जय भैरव बाबा की” के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर के पुजारी सतीश सिलावट ने बताया —“यह मंदिर वर्ष 2003 में स्थापित किया गया था। तब से हर साल काल भैरव अष्टमी पर विशेष पूजा और भोग लगाया जाता है। जो भी आज के दिन सच्चे मन से बाबा से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।”
भोग और आरती के बाद मंदिर परिसर में महाभंडारा आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा भैरव जी के इस सोमरस पान के चमत्कार से राहतगढ़ नगर एक बार फिर भक्ति और विश्वास से झूम उठा है। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि इसने लोगों को एक संदेश भी दिया — कि सच्ची भक्ति और श्रद्धा से मांगी गई मनोकामना कभी व्यर्थ नहीं जाती।