दो मवेशियों का शिकार, गांव छोड़ने को तैयार नहीं टाइगर, चनसुरा गांव में बाघ की एंट्री
एमपी के उमरिया से बड़ी खबर — बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) के पनपथा बफर रेंज के चनसुरा गांव में बाघ की एंट्री से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीते कुछ दिनों से गांव के आसपास बाघ की लगातार मूवमेंट देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि बाघ ने दो मवेशियों का शिकार भी किया है और अब तक जंगल की ओर लौटने का नाम नहीं ले रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। वन विभाग की टीमें लगातार बाघ की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और गांव के आसपास पेट्रोलिंग की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि बाघ अक्सर शाम और रात के समय गांव के पास दिखाई देता है। मवेशियों पर हुए हमले के बाद गांव के लोग दहशत में हैं, कई लोग रात में अपने घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने मिलकर शोर मचाकर बाघ को भगाने की कोशिश की, लेकिन वह कुछ ही देर बाद फिर से गांव के पास लौट आया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पी.के. वर्मा ने बताया कि बाघ को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में वापस भेजने की कोशिश की जा रही है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घर में सुरक्षित रहें, अकेले खेतों या जंगल की तरफ न जाएं, और किसी भी तरह की गतिविधि की तुरंत सूचना वन अमले को दें। फिलहाल, BTR की टीम ड्रोन और ट्रैकिंग डिवाइस की मदद से बाघ की हर गतिविधि पर नजर रख रही है ताकि उसे बिना नुकसान पहुंचाए जंगल की ओर भेजा जा सके। पी.के. वर्मा, उप संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने बताया कि बाघ को ट्रैक किया जा रहा है। हमारी टीम मौके पर है और जल्द ही उसे सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भेजा जाएगा।”