सागर- बीना विधायक निर्मला सप्रे पर दलबदल का आरोप! कांग्रेस नेता पहुंचे हाईकोर्ट, 18 नवंबर को सुनवाई
एमपी के सागर जिले के बीना की राजनीति में इन दिनों एक बार फिर हलचल मच गई है। कांग्रेस से निर्वाचित विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दलबदल कानून के तहत हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर अब 18 नवंबर को सुनवाई होगी। इस मामले की जानकारी शहर कांग्रेस नेता प्रदीप राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। कांग्रेस नेता प्रदीप राय ने बताया कि विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ विधानसभा मुख्य सचिव, नरेन्द्र सिंह तोमर और विधानसभा अध्यक्ष के नाम से अलग-अलग नोटिस जारी किए गए हैं। विधायक को भी इस मामले में व्यक्तिगत नोटिस भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अदालत ने यह सवाल उठाया है कि 16 महीने बीत जाने के बाद भी इस मामले में निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
याचिकाकर्ता के अनुसार, विधायक निर्मला सप्रे कांग्रेस के टिकट पर जीतने के बावजूद अब भाजपा के मंचों और बैठकों में सक्रिय हैं। यहां तक कि उनके वाहन और कार्यालय पर भाजपा का झंडा लगा है। आरोप यह भी है कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी का समर्थन करते हुए प्रचार किया। याचिका में यह भी उल्लेख है कि विधायक सप्रे ने विधानसभा के तीन सत्रों में अपनी बात नहीं रखी, केवल गेट पर हस्ताक्षर कर लौट आईं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह जनता के विश्वास से खिलवाड़ है और मतदाता अब यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वह कांग्रेस की हैं या भाजपा की। अब सभी की निगाहें 18 नवंबर पर टिकी हैं, जब हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। फैसला जो भी हो, लेकिन बीना की सियासत में यह मामला एक नया मोड़ जरूर लाने वाला है।