सागर- खुरई के दो परिवारों को दी खुशी की सवारी, बॉबी चावला ने गुरुनानक जयंती पर फिर जीता दिल
कहते हैं — जहाँ चाह, वहाँ राह! लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो राह ढूंढते नहीं, खुद बना लेते हैं। ऐसे ही हैं खुरई नगर के समाजसेवी बॉबी चावला, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर जरूर हैं, लेकिन दिल से सच्चे इंसान। गुरुनानक देव जी की जयंती के अवसर पर उन्होंने एक ऐसा कार्य किया जिसने इंसानियत की मिसाल कायम कर दी। बॉबी चावला ने अपने दो पुराने कर्मचारियों — राजू सेन और सचिन सोनी — को उनकी पसंदीदा बाइक भेंट की।
इन दोनों परिवारों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा पल था। गुरुद्वारा परिसर में ज्ञानी राहुल सिंह की अरदास के बाद बॉबी चावला, उनके भतीजे सिदक चावला और पत्नी रीना चावला ने दोनों को बाइक की चाबी सौंप दी। इस पल के साथ न केवल दो परिवारों के चेहरे पर मुस्कान आई, बल्कि गुरुनानक जयंती का यह दिन सेवा और स्नेह की नई मिसाल बन गया।
बॉबी चावला का जीवन हमेशा समाजसेवा को समर्पित रहा है। करीब दस साल पहले जब जैन युवा स्वास्थ्य सेवा परमार्थ अस्पताल की योजना बनी थी, तब उन्होंने बिना किसी दिखावे के आधा एकड़ जमीन दान में दी थी। इसी तरह, नरेन नदी किनारे स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन के लिए भी उन्होंने एक एकड़ भूमि समर्पित की। उनका मानना है — “सेवा ही सच्चा धर्म है, और इंसानियत सबसे बड़ा ईश्वर।”
बाइक मिलने के बाद दोनों कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इस तरह का सम्मान और प्यार मिलेगा। उन्होंने कहा — “काम तो हर जगह होता है, लेकिन जो आदर और अपनापन यहां मिला, वह कहीं और नहीं देखा।” बॉबी चावला का यह कदम फिर साबित करता है कि जब दिल बड़ा हो तो सेवा की कोई सीमा नहीं होती।
राहुल सिंह, ज्ञानी जी गुरुद्वारा खुरई ने बताया कि गुरुनानक देव जी की शिक्षाओं को जो व्यक्ति कर्म से निभाता है, वही सच्चा सिख है। बॉबी चावला जी का यह कार्य समाज के लिए प्रेरणा है। खुरई के बॉबी चावला ने दिखा दिया कि खुशी बाँटने से बढ़ती है — और जब सेवा में सच्चाई हो, तो ईश्वर खुद मुस्कुरा उठता है।