नर्मदा संगम पर उमड़ा श्रद्धा का सागर, कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी,
एमपी के नर्मदापुरम में आज कार्तिक पूर्णिमा का पर्व बड़े ही धूमधाम और आस्था के माहौल में मनाया जा रहा है। मां नर्मदा और तवा के संगम स्थल बांद्राभान में हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह चार बजे से ही नर्मदा घाटों पर स्नानार्थियों का तांता लगा हुआ है। लाखों श्रद्धालु मां नर्मदा के तवा संगम तट पर पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। वहीं प्रशासन ने घाटों और मेला परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक समय एक राजा को वानर मुख का श्राप मिला था, जिसका निदान कार्तिक पूर्णिमा पर संगम स्नान करने से हुआ। तभी से इस दिन संगम स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते नर्मदापुरम, बैतूल और छिंदवाड़ा सहित आस-पास के जिलों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। तीन दिन तक चलने वाला बांद्राभान मेला न सिर्फ धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी प्रसिद्ध है। इस दौरान आदिवासी परिवार अपने कुल देवताओं की पूजा-अर्चना के लिए भी यहां आते हैं।
नर्मदा के घाटों — विश्व प्रसिद्ध सेठानी घाट, कोरीघाट, विवेकानंद घाट, पर्यटन घाट और सर्किट हाउस घाट — पर भी सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा पर नर्मदा स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। अनुमान है कि शाम तक करीब ढाई से तीन लाख श्रद्धालु मां नर्मदा में डुबकी लगाएंगे। मेला स्थल पर पुलिस, एनडीआरएफ और नगर निगम टीमों ने सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवस्था की कमान संभाल रखी है। नर्मदा की नगरी नर्मदापुरम आज आस्था के रंग में रंगी है — मां नर्मदा की जयकारों से घाट गूंज रहे हैं और संगम तट श्रद्धा, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम बन गया है।