स्कूल बना खतरा ! झूल रही छत की छड़ें, हर पल बच्चों की जान पर आफत
एमपी के रीवा जिले से चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं — जहां जवा जनपद के बरहुला जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाला शासकीय प्राथमिक विद्यालय टिकैतनपुरवा अपनी खस्ता हालत के चलते बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुका है। स्कूल की छत से लोहे की छड़ें झूल रही हैं, दीवारों में दरारें हैं, और प्लास्टर लगातार गिर रहा है। कक्षा एक से पांच तक संचालित इस स्कूल में 28 विद्यार्थी और 2 शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन यहां पढ़ाई से ज्यादा डर का माहौल है।
शिक्षकों के मुताबिक, कई बार पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर गिर चुका है। एक बार तो छत का हिस्सा गिरकर टेबल पर आ गिरा, जिससे टेबल टूट गई। हादसे में किसी बच्चे को चोट नहीं लगी, लेकिन डर सबके मन में घर कर गया। बरसात के मौसम में यह स्कूल बच्चों के लिए जानलेवा साबित होता है। पानी टपकने और छत कमजोर होने के चलते स्कूल को 3–4 महीने तक बंद रखना पड़ता है, जिससे बच्चे शिक्षा से पूरी तरह वंचित हो जाते हैं।
शिक्षक ने बताया कि हम कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस भवन की मरम्मत के लिए लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हर दिन यहां पढ़ाना जोखिम से भरा है। गांव के लोग अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर किसी दिन छत गिर गई, तो बड़ा हादसा हो सकता है। इतना ही नहीं, मिड-डे मील योजना में भी भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।
बच्चों ने बताया कि उन्हें मेनू के अनुसार भोजन नहीं मिलता — रोज सिर्फ चावल और दाल दी जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्गा स्व-सहायता समूह टिकैतनपुरवा बच्चों के भोजन में भी कटौती कर रहा है, और प्रशासन इस पर मौन है। छात्र ने बताया कि हमारे स्कूल में ऊपर से छड़ें लटक रही हैं, डर लगता है… खाना भी ठीक से नहीं मिलता। सरकारी योजनाओं और जिम्मेदारों की लापरवाही का शिकार बने ये मासूम बच्चे अब सवाल कर रहे हैं — आखिर कब मिलेगा उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक शिक्षा का हक?”