खाद के लिए सड़कों पर उतरे अन्नदाता! टीकमगढ़-सागर हाईवे जाम, प्रशासन के पसीने छूटे |SAGAR TV NEWS|
एमपी के टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव तहसील क्षेत्र में सोमवार को अन्नदाताओं का सब्र टूट गया। लगातार खाद की कमी और वितरण केंद्रों पर अव्यवस्था से परेशान किसानों ने टीकमगढ़-सागर एनएच 37 हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
जानकारी के मुताबिक, किसानों को कई दिनों से खाद वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही थी। जब प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसानों ने आज सुबह अचानक हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े कर विरोध शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही तहसीलदार मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाइश देकर जाम खुलवाया। इसके बाद वे किसानों को लेकर खाद वितरण केंद्र पहुँचे और व्यवस्था बनाने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही तहसीलदार लौटे, नाराज किसानों ने दोबारा हाईवे जाम कर दिया।
स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम संस्कृति मुदित लिटौरिया स्वयं बड़ागांव पहुंचीं। उन्होंने मौके पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की और टोकन प्रणाली से खाद वितरण की व्यवस्था कराई। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन लापरवाह है, और खाद पहले दबंगों या जान-पहचान वालों को दी जा रही है। वहीं, कुछ किसानों ने कहा कि लाइसेंसधारी व्यापारी खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं, जो खुलेआम ऊँचे दामों पर खाद बेच रहे हैं।
किसानों का कहना है कि बरसात थमने के बाद बोवनी का सही समय चल रहा है, लेकिन खाद नहीं मिलने से उनकी मेहनत और फसल दोनों खतरे में हैं। इस पर एसडीएम संस्कृति मुदित लिटौरिया ने कहा —किसान सीधे नकद भुगतान कर खाद लेना चाहते थे, जिससे असमंजस की स्थिति बनी। अब सभी को टोकन दिए जा रहे हैं, हर किसान को खाद मिलेगी। कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।