Sagar -पैसे लेकर आबकारी ने निर्दोष को बनाया शराब माफिया, डेढ़ लाख में आरोपी बदलने का आरोप
सागर जिले में अवैध शराब और आबकारी विभाग की कार्रवाई लगातार विवादों में आ रही है ऐसा ही एक मामला खुरई से सामने आया जहां आबकारी विभाग के अधिकारियों पर पैसे का लेनदेन कर आरोपी को छोड़ने का आरोप लगा है और इसको लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट पंकज सिंघई ने आबकारी आयुक्त और कलेक्टर के लिए लिखित शिकायत की है, जिसमें बताया गया कि आपका बारी विभाग में किस तरह से डेढ़ लाख रूपए लेकर मुख्य आरोपी को छोड़ दिया जिसके घर से 40 पेटी शराब बरामद हुई थी और बेकसूर बेगुनाह युवक पर फर्जी मामला दर्ज किया गया,इस पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि 8 अक्टूबर 2025 को ग्राम मढखेरा निवासी नीलेश पिता देवी सिंह के घर और कार से आबकारी विभाग ने 40 पेटी अवैध शराब जब्त की थी। इस दौरान आबकारी टीम ने नीलेश लोधी को मौके से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में नीलेश ने बताया कि शराब उसके दोस्त संजू बुंदेला निवासी ग्राम दरी से ली थी।
उसके बयान पर टीम ने नीलेश सामने वाले घर पर भी दबिश दी, लेकिन वहां कोई शराब बरामद नहीं हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी कार्रवाई का वीडियो भी बनाया, जिसमें मुख्य आरोपी नीलेश लोधी स्वयं अपराध स्वीकार करते हुए दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद आबकारी विभाग के अधिकारी सियाराम चौधरी व मंजूषा सोनी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद केस से जुड़े दस्तावेज, कार और जब्त शराब को खुरई के आबकारी प्रभारी शैलेन्द्र माकों को सौंप दिया गया।
अगले दिन यह खुलासा हुआ कि खुरई सर्किल प्रभारी शैलेन्द्र मार्को ने केस के दस्तावेज बदल दिए और केवल दुरगपाल लोधी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। बताया गया कि न तो दूरगपाल मौके पर मौजूद था और न ही उसके पास से शराब बरामद हुई थी, न ही वह मुख्य आरोपी के घर से संबंधित था।
खुरई के आबकारी अधिकारी शैलेन्द्र मार्को ने कहा जो आरोप लगाए गए हैं, वह निराधार हैं। यदि शिकायत की गई, तो जांच में सत्य सामने आ जाएगा। अभी मामले में चालान पेश नहीं किया गया है। यदि जांच में कोई नाम बाकी रह गया है, तो उसे भी जोड़ दिया जाएगा।