Sagar- आदिवासियों की फसल कुचलकर वनविभाग ने किये प्लांटेशन के गढ्ढे, बिलखते रहे बच्चे |SAGAR TV NEWS|
मध्य प्रदेश में एक तरफ सरकार आदिवासियों की हितेषी बनने के दावे कर रही है तो दूसरी तरफ उनके अधिकारी इन्हीं आदिवासियों को दबाने कुचलने में लगे हुए हैं,, ताजा मामला गौरझामर वन परिक्षेत्र के गोपालपुर बीट से सामने आया है जहां 50 साल से खेती कर गुजर बसर कर रहे आदिवासियों की जमीन पर वन विभाग ने अचानक जाकर प्लांटेशन के लिए गड्ढे को दिए जिसकी वजह से हजारों रुपए की लागत लगाकर आदिवासियों ने जो खत में बुवाई की थी वह फसल बर्बाद हो गई, अब आदिवासियों के सामने अपना घर परिवार चलाने बच्चों को पढ़ाने लिखाने का संकट खड़ा हो गया है, अगर यह वन विभाग की जमीन है तो यह कार्रवाई बुवाई होने से पहले की जा सकती थी जिसकी वजह से आदिवासियों की मेहनत और पैसे दोनों बच जाते थे और वह इन्हीं पैसों का कहीं और उपयोग कर सकते थे हालांकि आदिवासियों पर किए गए इस अत्याचार को लेकर अब अधिकारी कर्मचारियों पर जांच कार्यवाही करने की बात कर रहे हैं
घटनास्थल पर मौजूद गरीब आदिवासी परिवार के लोग, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे अधिकारियों से गुहार लगाते रहे और बिलखते रहे कि उनकी फसलों को बर्बाद न किया जाए, मगर अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी और खेतों को जेसीबी से खोदकर नष्ट कर दिया।
उन्होंने वीट प्रभारी रमेश प्रसाद साहू, हरेत सिंह और सूरज सिंह पर खेती बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा, "हम अपना परिवार कैसे चलाएंगे? आदिवासी समाज हमेशा से शोषण का शिकार रहा है, और आज भी हमें अपनी ही जमीन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। न्याय नहीं मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।"
दीपांकर सिंह वन परिक्षेत्र अधिकारी गौरझामर का कहना है कि "जिन कर्मचारियों ने आदिवासी की बोनी वाली जमीन पर जेसीबी मशीन से गड्ढे खोदे हैं और फसल को नुकसान पहुंचाया है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उक्त जमीनों के पट्टों की जांच भी की जाएगी।"