खाद के लिए तड़पते किसान, टूटा सब्र का बांध ! किसानों और महिलाओं ने लगाया चक्का जाम, प्रशासन में मची हलचल
एमपी के शिवपुरी जिले के खनियाधाना में आज उस वक्त हालात बिगड़ गए, जब खाद की किल्लत से परेशान किसानों और महिलाओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया। किसानों का कहना है कि वे सुबह से खाद के लिए लाइन में लगे थे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पाई।
शिवपुरी जिले के खनियाधाना क्षेत्र में खाद वितरण केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। दूर-दराज के गांवों से आए किसान और महिलाएं सुबह से खाद के इंतजार में खड़ी थीं, लेकिन उन्हें बताया गया कि खाद की रेक आने में देर हो रही है और फिलहाल वितरण संभव नहीं है। इससे नाराज किसानों का सब्र टूट गया और उन्होंने सड़क पर बैठकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया। महिलाएं भी हाथों में डिब्बे और बोरी लेकर नारेबाजी करती नजर आईं।
राधा महिला किसान ने बताया कि हम सुबह से लाइन में हैं, ना खाने का पानी मिला, ना खाद। खेत सूख रहे हैं, अब हम क्या करें?
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार निशिकांत जैन तत्काल मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही खाद की नई रेक पहुंच जाएगी और किसी किसान को बिना खाद के नहीं छोड़ा जाएगा। काफी समझाइश और प्रशासनिक प्रयासों के बाद किसानों ने चक्का जाम खत्म किया और सड़क यातायात सामान्य हुआ।
निशिकांत जैन, तहसीलदार ने बताया कि हमने किसानों को आश्वस्त किया है कि जल्द ही खाद उपलब्ध होगी, प्रशासन हर किसान के साथ है।
एक तरफ सरकार किसान कल्याण योजनाओं की बातें कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसान खाद जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। खनियाधाना का यह नज़ारा सवाल उठाता है — क्या किसान का पेट भरने वाला अब खुद भूखा रह जाएगा?