एक साथ उठीं तीन अर्थियां... दीपावली से पहले छा गया मातम ! गांव में मातम पसरा
राजस्थान के फलोदी में शुक्रवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक ही परिवार की खुशियाँ छीन लीं। एमपी के रतलाम जिले के आलमपुर ठिकरिया गांव के तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई — जिनमें पति-पत्नी जगदीश और पूजा, और उनकी 12 वर्षीय बेटी टीना शामिल हैं। जब तीनों के शव रविवार सुबह गांव पहुंचे, तो पूरे गांव में मातम छा गया। गांव की गलियों में सिर्फ चीखें और सन्नाटा था।
तीनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली, सैकड़ों लोग नम आँखों से अंतिम विदाई देने पहुंचे। गांव के मुक्तिधाम में तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे भी मौजूद रहे, जिन्होंने शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया।
हादसे में सबसे बड़ा दर्द अब दो मासूम बच्चों — अशोक और रोशनी का है। सिर्फ आठ साल की उम्र में दोनों अपने माता-पिता और बहन को खो चुके हैं। गांव के लोग कह रहे थे — “दीपावली अब इन बच्चों के लिए कभी पहले जैसी नहीं रहेगी।” यह परिवार मजदूरी के लिए राजस्थान गया था, लेकिन किस्मत ने रास्ते में ही उन्हें जुदा कर दिया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात यह परिवार टेंपो से जा रहा था, इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रॉले ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे टेंपो पलट गया। हादसे में चार लोगों की जान जा चुकी है।
तीन रतलाम निवासी और टेंपो चालक, जो राजस्थान के फलोदी का रहने वाला था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरी संवेदना जताते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। रतलाम का आलमपुर ठिकरिया गांव आज भी सदमे में है। हर आंख नम है, हर दिल दुखी है। लोग सिर्फ यही दुआ कर रहे हैं। भगवान उन मासूम बच्चों को यह गम सहने की ताकत दे, और दिवंगत आत्माओं को शांति मिले।