Sagar- देवरी में दीपावली पर अवैध वसूली का धंधा ! कलेक्टर के आदेश की उड़ाई धज्जियां
सागर जिले के देवरी में दीपावली और देवउठनी ग्यारस जैसे पवित्र त्योहारों पर जहां लोगों को राहत मिलनी चाहिए थी, वहीं छोटे दुकानदारों की जेब पर चोट पड़ गई है। कलेक्टर संदीप जी.आर. के स्पष्ट आदेश के बावजूद देवरी नगरपालिका प्रशासन ने खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए रेहड़ी-पटरी दुकानदारों से अवैध रूप से बाजार बैठकी शुल्क वसूल लिया।
दरअसल, कलेक्टर संदीप जी.आर. ने जिलेभर में आदेश जारी किया था कि दीपावली और ग्यारस पर्व के दौरान अस्थायी रूप से व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों, ग्रामीण कारीगरों और स्व-सहायता समूहों से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। शासन का उद्देश्य था कि गरीब और छोटे व्यापारी त्योहारों में बिना किसी अतिरिक्त बोझ के अपनी आजीविका चला सकें।
लेकिन देवरी नगरपालिका परिषद के सीएमओ और राजस्व अधिकारी ने इस आदेश को नजरअंदाज करते हुए सिविल लाइन और सहजपुर तिराहे तक सड़क किनारे बैठे छोटे दुकानदारों से जबरन बाजार बैठकी के नाम पर रुपए वसूले। कई दुकानदारों ने बताया कि नगर कर्मियों ने उनसे नकद शुल्क लेकर रसीद भी नहीं दी। इस अवैध वसूली की जानकारी मिलते ही पटेल वार्ड पार्षद त्रिवेंद्र जाट ने कलेक्टर और एसडीएम को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि शिकायत के बावजूद नगरपालिका प्रशासन ने अपनी मनमानी जारी रखी और शनिवार को फिर से बाजार में शुल्क वसूली की गई।
दुकानदारों का कहना है कि यह कार्रवाई शासन के आदेश के खिलाफ है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या कलेक्टर के आदेश की खुलेआम अवहेलना करने वाले नगर अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?