Sagar- चने टॉप 10 वैरायटी बनाएगी मालामाल, बुवाई से लेकर कटाई तक मानें विशेषज्ञों की सलाह
सागर में अच्छी बारिश होने के बाद किसान रबी सीजन की फसलों की बुवाई की तैयारियों में लगे हुए हैं. सागर दमोह जिले में चना की फसल की बुवाई बड़े पैमाने पर की जाती है. चने की फसल के दाम अच्छे मिलने के कारण किसान बड़े पैमाने पर फसल बोते हैं. चने की कौन सी किस्म अच्छी पैदावार देगी, किस तरह फसल की बोवनी करें, कब सिंचाई करें और खाद उर्वरक का उपयोग कैसे करें. इस संबंध में कृषि वैज्ञानिक की सलाह महत्त्वपूर्ण है. इस सिलसिले में सागर कृषि विज्ञान केंद्र बिजौरा के प्रभारी और कृषि वैज्ञानिक डॉ. आशीष त्रिपाठी बताते हैं कि "पूरे बुंदेलखंड में चने की खेती बहुत बड़े रकबे में होती है.
आमतौर पर हमारे किसान पुरानी किस्में जे जी- 315 का लगातार प्रयोग कर रहे हैं. इसका उत्पादन भी काफी अच्छा मिल रहा है और फसल का दाम भी बाजार में काफी अच्छा मिल रहा है. इसके अलावा 315 जैसी दूसरी किस्म जे जी 12, जे जी 16, जे जी 14 भी काफी अच्छा उत्पादन दे रही हैं. वर्तमान में जो नई किस्में जवाहर चना 52, जवाहर चना 36, जवाहर चना 12, आरबी 202 और आरबी 203 है, इन किस्मों से भी किसान अच्छा उत्पादन ले रहे हैं.
चने की फसल के अच्छे उत्पादन के लिए चने के बीज का उपचार जरूर करें. किसी भी फफूंदनाशी से बीज का उपचार किया जा सकता है. इसके बाद राइजोबियम और पीएसबी कल्चर से उपचार करना जरूरी है, क्योंकि इसके द्वारा पौधे को पोषक तत्व उपलब्ध हो जाते हैं.