Sagar - भावांतर योजना से नाराज किसान सीधे व्यापारियों को ही बेच रहे सोयाबीन, बताई चौंकाने वाली वजह
बारिश होने के बाद सागर कृषि उपज मंडी में उपज की अच्छी आवक हो रही है लेकिन सोयाबीन बेचने आ रहे किसान भावांतर योजना का बहुत कम लाभ ले रहे हैं अधिकांश किसान सीधे व्यापारियों को नगद में अपना अनाज बेचकर जा रहे हैं क्योंकि रवि सीजन की बुवाई करने के लिए किसानों को खाद बीज की जरूरत है जुताई करने बुवाई करने के लिए भी उन्हें पैसों की जरूरत पड़ती है जबकि भावांतर का लाभ लेने पर यह पैसे कुछ दिन बाद अकाउंट में आएंगे, ऐसे में किसान अगली फसल की तैयारी करने से चूक जाएंगे, इसी के चलते किसान कम भाव में ही सोयाबीन बेचकर जा रहे हैं. वहीं इसके अलावा भावांतर में साफ सुथरा और सूखा अनाज ही चाहिए है.
तो इसमें एक और परेशानी सामने आ रही है लोगों ने भावांतर का रजिस्ट्रेशन तो करवा लिया लेकिन सत्यापन नहीं हो पाया अब उनकी उपज सत्यापन नहीं होने से भावांतर में नहीं जा पा रही, किसानों का कहना है कि सरकार को इन अधिकारी कर्मचारियों पर भी ध्यान देना चाहिए जिसकी वजह से किसान को नुकसान हो रहा है, तो किसी किसान ने कहा कि इस साल भारी बारिश होने से फसल खराब हुई जिसमें ऊपर कम निकली अब किस दो क्विंटल 4 क्विंटल सोयाबीन लेकर मंडी आ रहे हैं इसके दाम ही अगर तुरंत नहीं मिलेंगे तो फिर अगली फसल का क्या करेंगे इसलिए सीधा व्यापारियों को बेच दिया,
सागर कृषि उपज मंडी में पिछले दो दिन में 24000 क्विंटल सोयाबीन की खरीदी की गई है यहां सोयाबीन का न्यूनतम भाव सोमवार को 11 सो रुपए प्रति क्विंटल रहा तो मंगलवार को न्यूनतम भाव 2350 रुपए मिला तो सोयाबीन का अधिकतम भाव 4335 रुपए कुंतल तक रहा इसमें अधिकांश सोयाबीन 4000 के आसपास ही खरीदा गया