Sagar- गढ़ाकोटा का घपरेला घाट हनुमान मंदिर, 43 वर्षों से दीपावली पर गूंजती रामायण की अखंड ध्वनि
सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर की धार्मिक परंपरा और आस्था का एक अनोखा उदाहरण है घपरेला घाट स्थित सिद्ध हनुमान मंदिर, जहां पिछले 43 वर्षों से दीपावली के दूसरे दिन यानी भाईदूज से लेकर एकादशी तक निरंतर अखंड रामायण पाठ किया जा रहा है।
शहर के हनुमान सुभाष वार्ड में स्थित यह मंदिर सोनभद्र नदी के तट पर बसा है और धार्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व है। यह मंदिर न केवल गढ़ाकोटा नगर में बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों में भी श्रद्धा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
मंदिर के पुजारी महादेव उपाध्याय ने बताया कि यह परंपरा वर्ष 1982 से निरंतर चल रही है। हर वर्ष दीपावली के बाद भाईदूज से एकादशी तक अखंड रामायण पाठ किया जाता है, जिसमें जानकीनाथ समस्त मंडली, दुबे परिवार, उपाध्याय परिवार, और अन्य भक्तजन मिलकर भक्ति भाव से 24 घंटे निरंतर रामायण पाठ करते हैं।
उपाध्याय ने बताया कि ईश्वर की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह परंपरा अब तक बिना रुके चली आ रही है। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, आरती और प्रसाद वितरण का सिलसिला भी चलता रहता है। हर शाम राम नाम के जयकारों और ढोल-करताल की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि घपरेला घाट का यह हनुमान मंदिर मनोकामना पूर्ण करने वाला सिद्ध स्थल है। दीपावली के बाद शुरू होने वाले इस अखंड रामायण पाठ में प्रतिदिन सैकड़ों भक्त शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
पुजारी महादेव उपाध्याय ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस पावन परंपरा को बनाए रखने में अपना योगदान देते रहें, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस आध्यात्मिक धरोहर को आगे बढ़ा सकें।
गढ़ाकोटा का सिद्ध हनुमान मंदिर — जहाँ 43 सालों से दीपावली के बाद गूंजती है रामायण की अमृत वाणी, आस्था और भक्ति की अखंड ज्योति के साथ