कार्बाइड गन पर सख्त हुआ प्रशासन, अब नहीं चलेगा खतरनाक खेल, बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई
एमपी के इंदौर में दीपावली के दौरान बाजारों में खुलेआम बिक रही खतरनाक कार्बाइड गन अब प्रशासन के निशाने पर आ गई है। बच्चों की आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले इस खतरनाक खिलौने पर अब जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि कार्बाइड गन न केवल अवैध है, बल्कि यह जन सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाजारों और गोदामों में सघन जांच कर इस गन की बिक्री, निर्माण और भंडारण करने वालों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करें। प्रशासन की इस सख्ती के साथ ही इंदौर पुलिस भी पूरी तरह एक्शन मोड में है। पुलिस कमिश्नर ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी दुकान या व्यापारी को इस तरह के खिलौने बेचते पाया जाए तो विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार बाजारों में दबिश दे रही हैं और जहां-जहां कार्बाइड गन का स्टॉक मिल रहा है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि दीपावली पर कई बच्चों के घायल होने की घटनाओं के बाद अब यह अभियान और तेज किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन का यह संयुक्त अभियान आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेगा।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति या व्यापारी को अब इस जानलेवा खिलौने को बेचने या रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इंदौर प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि कार्बाइड गन का उपयोग या खरीद-फरोख्त होते देखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि बच्चों की सुरक्षा और जनहित को सुनिश्चित किया जा सके।