महाकाल को चढ़ने वाला प्रसाद बना शक का विषय,175 किलो संदिग्ध मावा जब्त, फूड विभाग जांच में जुटा
एमपी के उज्जैन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस की बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) टीम ने सर्चिंग के दौरान 175 किलो संदिग्ध मावा जब्त किया। मामला इतना गंभीर था कि मौके पर तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग (फूड सेफ्टी) की टीम को बुलाया गया। जानकारी के अनुसार, देवास गेट बस स्टैंड पर बीडीएस टीम नियमित जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान बस स्टैंड पर खड़े एक युवक के पास से पांच टोकरियों में भरा संदिग्ध मीठा मावा बरामद हुआ। जब टीम ने उससे मावे के बारे में पूछताछ की, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
शक गहराने पर बीडीएस टीम ने तत्काल फूड सेफ्टी विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत दत्त शर्मा ने पूरे मावे को सील कर लिया और नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला (लेबोरेट्री) भेजे। प्राथमिक जांच में पता चला कि यह मावा महाराष्ट्र से उज्जैन लाया गया था और इसे महाकाल मंदिर के आसपास प्रसाद और मिठाई दुकानों में खपाने की योजना थी।
अधिकारियों के मुताबिक, त्योहारों के समय इस तरह का संदिग्ध या मिलावटी मावा बड़ी मात्रा में शहर में पहुंचाया जाता है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए सतर्कता बढ़ा दी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फूड सेफ्टी अधिकारी बसंत दत्त शर्मा ने बताया कि –“हमने संदिग्ध मावे का नमूना जांच के लिए भेज दिया है।
रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मावा खाने योग्य है या नहीं। अगर मिलावट पाई जाती है तो संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह मावा कहां से आया और किन दुकानों तक पहुंचाया जाना था। इस कार्रवाई से महाकाल मंदिर क्षेत्र में प्रसाद की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है।