सागर में कार्बाइड गन पर कलेक्टर की सख्ती, आतिशबाजी दुकानों का औचक निरीक्षण, सख्त कार्रवाई के आदेश
सागर जिले में कार्बाइड गन के खिलाफ अब प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। जिले के कलेक्टर संदीप जी.आर. ने शुक्रवार को आतिशबाजी विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया और प्रतिबंधित कार्बाइड गन के भंडारण या बिक्री पर कड़ी चेतावनी दी। कलेक्टर संदीप जी.आर. ने भाग्योदय क्षेत्र स्थित रमेश ताला वाले के गोदाम में पहुंचकर आतिशबाजी सामग्री की जांच की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दुकान या गोदाम में कार्बाइड गन का निर्माण, भंडारण या विक्रय नहीं होना चाहिए, अन्यथा जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मौके पर ही फायर सेफ्टी उपकरणों की टेस्टिंग भी कराई।
निरीक्षण के दौरान एएसपी लोकेश सिन्हा, एसडीएम अमन मिश्रा, तहसीलदार संदीप तिवारी और अधिकारि राहुल गोंड मौजूद रहे। कलेक्टर ने बताया कि हाल ही में कैल्शियम कार्बाइड गन से हुई दुर्घटनाओं और बच्चों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्बाइड गन के उपयोग पर सख्ती के निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में सागर में भी निरीक्षण और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें जो कार्बाइड गन बनाते, बेचते या इस्तेमाल करते हुए पाए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बीच, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे और डॉ. प्रवीण खरे (बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज) ने बताया कि कार्बाइड गन से निकलने वाली गैस और चिंगारी आंखों और त्वचा के लिए बेहद खतरनाक होती है।
बच्चों में इससे आंखों की चोटों के कई मामले सामने आ चुके हैं। डॉ. खरे ने सलाह दी कि अगर किसी व्यक्ति की आंख में कार्बाइड गन की चिंगारी या धुआं चला जाए, तो तुरंत 15-20 मिनट तक पानी से धोएं, कॉन्टैक्ट लेंस हटा दें और तुरंत नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें। सागर प्रशासन का यह अभियान कार्बाइड गन जैसी खतरनाक चीज़ों पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।