नकली दवा कांड का खुलासा, अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर सीज, डॉक्टरों की मिली भगत पर उठे सवाल !
एमपी के रीवा में नकली दवा के कारोबार का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया। वीडियो में दुकान संचालक ने जो आरोप लगाए, उसने पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की जड़ों को हिला दिया है। दरअसल, वीडियो में दुकान के संचालक दलबीर द्विवेदी ने यह दावा किया कि कुछ डॉक्टर और मेडिकल स्टोर मालिक मिलकर नकली दवाओं का कारोबार चला रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया — “50 की दवा मरीज को 300 में दी जाती है, डॉक्टर कमीशन के लिए मजबूर करते हैं।” इस बयान ने शहर में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की जड़ों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन, ड्रग्स कंट्रोलर और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। दुकान से मिली दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जुड़े डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टोर्स की भी भूमिका खंगाली जाएगी। वहीं, दुकान संचालक दलबीर द्विवेदी ने मीडिया के सामने सफाई दी — “हम वही दवा बेचते हैं जो डॉक्टर लिखते हैं, मैं खुद नकली दवा नहीं बेचता।” उन्होंने कहा कि उनका बयान गलत अर्थों में वायरल हुआ है और पूरा सच जांच के बाद सामने आएगा। घटना के बाद रीवा में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। नागरिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे आपूर्ति नेटवर्क की जांच हो, ताकि असली दोषी सामने आएं। ड्रग्स कंट्रोलर विभाग ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या संस्था नकली दवा या कमीशनखोरी में शामिल पाई जाएगी, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जांच रिपोर्ट का सभी को इंतज़ार है।