Sagar - छत्रसाल नगर कॉलोनी में आवास घोटाला उजागर: 22 लोगों पर FIR के आदेश, निगमायुक्त ने दिए सख्त निर्देश
सागर में गरीबों के लिए बने आवासों पर कब्जा और अवैध विक्रय का बड़ा मामला सामने आया है। नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने बाघराज वार्ड स्थित छत्रसाल नगर कॉलोनी की जांच के बाद 22 व्यक्तियों पर पुलिस FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। मोतीनगर थाने में इन सभी के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई की जा रही है। यह पूरा मामला राजीव आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को दिए गए मकानों से जुड़ा है।
जांच के दौरान पाया गया कि कई लोगों ने अवैध तरीके से आवंटित मकान बेच दिए, किराए पर दे दिए या सिर्फ 20 हजार रुपए जमा करके कब्जा कर लिया। कॉलोनी में कई ऐसे घर भी मिले जिन पर ताला तोड़कर कब्जा किया गया था। जांच में अब तक 102 अपात्र, 209 पात्र और 49 नगर निगम के आधिपत्य वाले आवासों की पहचान की गई है। आयुक्त ने अधिकारियों और रहवासियों से मुलाकात कर दस्तावेजों की जांच की और अनियमितताओं का पूरा ब्यौरा जुटाया।
जिन 22 लोगों पर FIR के आदेश दिए गए हैं, उनमें ज्योति नामदेव, शांति साहू, देवशंकर सोनी, राजेन्द्र ठाकुर, मोहम्मद सलीम रईन, हरिशंकर नामदेव, प्रीति रजक, संतोष चौरसिया, पंचम अहिरवार, मेहरून्निशा, हरिदास, अजीम बहना, गायत्री दुबे, दिनेश अग्रवाल, अयूब खान और रेशमा इल्यास जैसे नाम शामिल हैं। कुछ को अनाधिकृत कब्जे का दोषी पाया गया, तो कुछ ने अपने आवास बेचकर या किराए पर देकर नियमों का उल्लंघन किया। निगमायुक्त ने कहा कि जिन मकानों पर कब्जा किया गया है,
वहां निगम का ताला लगाया जा रहा है और आवंटन निरस्त किए जाएंगे। साथ ही, कब्जाधारियों द्वारा जमा राशि राजसात की जाएगी और किराया भी वसूला जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र लोगों को ही आवास मिलेंगे और जल्द ही शिविर लगाकर वैध आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कार्रवाई उन सभी के लिए कड़ा संदेश है, जो गरीबों के हक पर कब्जा जमाने की कोशिश करते हैं। इस जांच और FIR से छत्रसाल नगर कॉलोनी में हड़कंप मच गया है, जबकि पात्र परिवारों ने इसे राहत भरा कदम बताया है।