जय श्रीराम बोलती दिखीं सीएसपी हिना खान, रामायण मामले में हिना खान vs अनिल मिश्रा आमने-सामने
एमपी के ग्वालियर में रामायण पाठ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। सीएसपी हिना खान और अधिवक्ता अनिल मिश्रा आमने-सामने आ गए, जिसके बाद सड़क पर विरोध, नारेबाज़ी और धरना तक की नौबत आ गई। पूरा मामला पटेल नगर के पास स्थित हनुमान मंदिर से जुड़ा है। बताया गया कि अनिल मिश्रा और उनके सहयोगी वहां रामचरितमानस का पाठ करना चाहते थे। इसके लिए टेंट और साउंड सिस्टम की व्यवस्था भी की गई थी।
लेकिन पुलिस प्रशासन ने मंदिर परिसर में टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी और टेंट का सामान वापस करा दिया। प्रशासन का तर्क था कि बिना पूर्व अनुमति धार्मिक आयोजन नहीं हो सकता। टेंट वापस लौटाने पर अनिल मिश्रा के समर्थक भड़क गए और मंदिर परिसर के बाहर ही प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। उनका आरोप है कि मंदिर पर ताला लगाकर उन्हें पाठ करने से रोका गया, जो धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। कुछ लोगों ने यह तक कहा कि, “क्या हम पाकिस्तानी हैं जो मंदिर में पाठ नहीं कर सकते?
इसी दौरान जब मीडिया ने सीएसपी हिना खान से इस पूरे प्रकरण पर बयान लेने की कोशिश की, तो माहौल और गरम हो गया। अनिल मिश्रा ने उन्हें सनातन विरोधी बताया, जिस पर सीएसपी हिना खान ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि वे सनातन धर्म की विरोधी नहीं हैं। इसके बाद वे खुद जय श्रीराम के नारे जोर से लगाती दिखाई दीं। विवाद के बीच अनिल मिश्रा और उनके समर्थक पटेल नगर में सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
वहां उन्होंने “सीताराम सीताराम” का जाप शुरू किया। समर्थक लगातार नारेबाज़ी कर रहे हैं और मंदिर पर ताला लगाने को गलत बता रहे हैं। सीएसपी हिना खान का कहना है कि प्रशासन केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रहा है और बिना अनुमति किसी भी तरह का धार्मिक आयोजन नहीं किया जा सकता। अब देखने वाली बात होगी कि ये विवाद शांत होता है या और तूल पकड़ता है।