Sagar- डेयरी विस्थापन में बड़ा एक्शन, 180 अपात्रों के प्लॉट निरस्त, निगमायुक्त ने जारी किया आदेश
सागर नगर निगम ने डेयरी विस्थापन परियोजना में बड़ा और सख्त कदम उठाया है। निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने ऐसे 180 लोगों के प्लॉट आवंटन निरस्त कर दिए हैं, जो डेयरी संचालन के लिए योग्य नहीं पाए गए। दरअसल, नगर निगम की डेयरी विस्थापन योजना के तहत शहर के डेयरियों को हफसिली क्षेत्र में शिफ्ट किया जाना था।
इसके लिए पात्र डेयरी संचालकों को प्लॉट आवंटित किए गए थे। लेकिन जांच में सामने आया कि कई लोगों ने प्लॉट तो ले लिए, लेकिन न पशु लेकर पहुंचे और न ही डेयरी शेड का निर्माण किया। महत्वपूर्ण बात यह है कि 28 जनवरी को महापौर परिषद की बैठक में प्रस्ताव क्रमांक-19 पारित हुआ था। इसमें साफ कहा गया था कि जो आवंटित भूखंडों पर डेयरी संचालन नहीं कर रहे, उनके प्लॉट वापस लिए जाएंगे।
इसी निर्णय के आधार पर निगम प्रशासन ने पहले नोटिस जारी किए, फिर 6 मई को अखबारों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की। इसके बावजूद जिन लोगों ने न पशु शिफ्ट किए और न निर्माण किया—ऐसे 180 व्यक्तियों को अपात्र मानते हुए कार्रवाई की गई है। 26 और 27 सितंबर को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में भी इन प्लॉटों को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित हुआ। अब निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने आधिकारिक आदेश जारी कर इन सभी आवंटनों को रद्द कर दिया है।
निगम प्रशासन का यह कदम डेयरी विस्थापन परियोजना को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे उन वास्तविक डेयरी संचालकों को फायदा मिलेगा, जो अब तक भूखंड मिलने का इंतज़ार कर रहे थे। अब देखना यह होगा कि इन निरस्त प्लॉटों का पुनर्वितरण कैसे और कब किया जाएगा। लेकिन फिलहाल संदेश साफ है—जो डेयरी चलाते नहीं, वे भूखंड भी नहीं रख पाएंगे।