फर्जी डॉक्टर का खुलासा, नवजात की मौत के बाद एफआईआर, दूसरा अस्पताल भी सील
एमपी के उज्जैन में फर्जी इलाज के चलते नवजात की जान चले जाने का मामला जोर पकड़ चुका है। घटना के पूरे सात दिन बाद पंवासा थाना पुलिस ने आरोपी फर्जी डॉक्टर तैयबा शेख पर एफआईआर दर्ज की है। स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज करते हुए पहले आशीर्वाद हॉस्पिटल और अब फ्रीगंज स्थित विशेष अस्पताल को भी सील कर दिया है। हालांकि आरोपी महिला डॉक्टर अभी भी फरार बताई जा रही है।
मामले की शुरुआत 2 अक्टूबर को हुई। चिंतामन क्षेत्र के लखन मालवीय की पत्नी काजल को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार उसे शासकीय जीवाजीगंज अस्पताल लेकर गया। वहां की एक कार्यकर्ता ने उन्हें डॉ. तैयबा शेख का नंबर और पता दे दिया। तैयबा ने मक्सी रोड पर पंवासा क्षेत्र स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल में काजल का चेकअप किया और बिना किसी रिपोर्ट के दावा किया कि बच्चे के हाथ-पैर नहीं बने हैं।
इसके बाद वह महिला मरीज को फ्रीगंज के विशेष अस्पताल ले गई और दोपहर एक बजे भर्ती कर लिया। इलाज के नाम पर खून की बॉटल चढ़ाई गई। इलाज के दौरान काजल की स्थिति बिगड़ती गई। जब परिजनों ने छुट्टी की मांग की तो तैयबा ने डराते हुए कहा कि पेट में जहर फैल जाएगा और बड़े अस्पताल ले जाना होगा। फिर वह अपने अस्पताल ले गई और अचानक परिजनों को वहीं छोड़कर फरार हो गई।
काजल को बाद में एसएन कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी सामान्य डिलीवरी हुई लेकिन नवजात की जान चली गई। परिजनों ने थाने और स्वास्थ्य विभाग में शिकायत की।
जांच में सामने आया कि तैयबा शेख न डॉक्टर है, न उसके पास कोई मेडिकल डिग्री, न रजिस्ट्रेशन, न क्लिनिक चलाने की अनुमति। वह फर्जी रजिस्ट्रेशन के सहारे अस्पताल और मेडिकल स्टोर दोनों चला रही थी। छह महीने में दो नवजातों की मौत के मामले उसके खिलाफ दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस कार्रवाई में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं, क्योंकि शिकायत के पूरे सात दिन बाद कार्रवाई शुरू हुई। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अब उसके ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल आरोपी फरार है।