खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें…भीड़ में ना हो अफरा-तफरी, प्रशासन ने अपनाया अनोखा तरीका
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले में गुरुवार सुबह का नज़ारा किसी मेले से कम नहीं था… हजारों की संख्या में किसान तहसील कार्यालय पहुंच गए — लेकिन ये भीड़ किसी त्योहार की नहीं, बल्कि खाद के इंतज़ार में जुटी थी। दमोह जिले के सागर नाका चौकी के पास स्थित तहसील कार्यालय परिसर में गुरुवार सुबह हजारों किसान खाद लेने के लिए पहुंच गए। खेतों में बोनी का समय चल रहा है और किसानों को उर्वरक की आवश्यकता है।
भीड़ बढ़ने पर प्रशासन ने तुरंत व्यवस्था संभाली और किसानों को लाइन में खड़ा कर टोकन सिस्टम से खाद वितरण शुरू किया। मौके पर तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी और सागर नाका चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी स्वयं उपस्थित रहे और व्यवस्था का जायज़ा लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस बार जिले में मक्का की बोनी बड़े पैमाने पर हुई है — पिछले साल जहाँ 17,000 हेक्टेयर में बोनी हुई थी, वहीं इस बार 35,000 हेक्टेयर में मक्का बोया गया है, जिससे खाद की मांग दोगुनी हो गई है।
रघुनंदन चतुर्वेदी, तहसीलदार दमोह ने बताया कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन वितरण और अलग-अलग पॉइंट से खाद वितरण की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी किसान को असुविधा ना हो।” किसानों की बढ़ती ज़रूरतों को देखते हुए प्रशासन का यह टोकन सिस्टम काफी कारगर साबित हो रहा है। किसानों का कहना है कि इस व्यवस्था से अव्यवस्था और धक्का-मुक्की की स्थिति खत्म हो गई है, और अब उन्हें समय पर खाद मिल पा रही है। दमोह प्रशासन का ये इंतज़ाम पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन सकता है — क्योंकि जब व्यवस्था सधी हो, तो भीड़ भी अनुशासन में दिखती है।