अरनिया में देवनारायण मंदिर पर आस्था का अद्भुत संगम, भक्त नंगे पैर अंगारों पर चले
मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में आस्था का ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों को श्रद्धा और परंपरा की गहराइयों से जोड़ दिया। ग्राम अरनिया स्थित देवनारायण मंदिर में सोमवार को पारंपरिक “चूल” आयोजन धूमधाम से संपन्न हुआ। दूर-दराज के सैकड़ों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक अनुष्ठान में शामिल होने पहुंचे और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए जलते अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी आस्था प्रकट की। सुबह से ही देवनारायण मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई थी। भजन-कीर्तन, धार्मिक वाद्ययंत्रों की धुन और पूजा-अर्चना के साथ माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। जैसे-जैसे चूल आयोजन का समय नजदीक आया, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
अंगारों से भरी लंबी चूल सजाई गई और परंपरा के मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने एक-एक कर जलते अंगारों पर नंगे पैर चलना शुरू किया। किसी के हाथ में ध्वज था, कोई माथे पर चुनरी रखे हुए था, और कोई अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा था। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है और गांव की आस्था का जीवंत प्रमाण है। उनका मानना है कि चूल पर चलने से संकट दूर होते हैं और भगवान देवनारायण हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। मौके पर पहुंचे भक्तों ने बताया कि वे हर साल यहां दर्शन के लिए आते हैं और इस आयोजन को अपना सौभाग्य मानते हैं। “देवनारायण महाराज की जय” के जयकारे पूरे वातावरण में गूंजते रहे और देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। आस्था, परंपरा और विश्वास के इस अद्भुत संगम ने एक बार फिर साबित किया कि ग्रामीण संस्कृति आज भी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है। अरनिया का यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक एकता और लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक भी है।