सागर-खुरई के भरछा गांव में बाबा पर हमला, वृक्षारोपण को बचाने को लेकर विवाद
सागर-खुरई के भरछा गांव में बाबा पर हमला, वृक्षारोपण को बचाने को लेकर विवाद
ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
सागर/खुरई। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पंचायत द्वारा किए गए वृक्षारोपण को लेकर खुरई ब्लॉक के भरछा गांव में विवाद खड़ा हो गया। बंजारी माता मंदिर परिसर में वृक्षों की सुरक्षा कर रहे साधु बाबा पर एक ग्रामीण ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में साधुओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
घटना कैसे हुई?
मामला खिमलासा थाना क्षेत्र के भरछा गांव का है। जानकारी के अनुसार, बाबा अशोक दास अपने साथियों के साथ बंजारी माता मंदिर परिसर में निवास करते हैं और वहां पंचायत द्वारा कराए गए वृक्षारोपण की देखरेख भी करते हैं। दो दिन पहले गांव का ही निवासी ग्यारसी अहिरवार अपने मवेशियों को मंदिर परिसर के पास चराने ले गया। इस दौरान मवेशियों ने पौधों को नुकसान पहुंचाया।
बाबा अशोक दास ने जब ग्यारसी को रोकने और मवेशियों को वहां से हटाने के लिए कहा, तो आरोप है कि उसने लाठियों से बाबा पर हमला कर दिया। हमले में बाबा घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने एकजुट होकर प्रशासन से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम कार्यालय पहुंचा जत्था
घटना के विरोध में भरछा गांव के दर्जनों ग्रामीण साधुओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने लिखित शिकायत देकर बताया कि पंचायत द्वारा लाखों रुपये की लागत से वृक्षारोपण कराया गया है, जिसका उद्देश्य गांव में हरियाली और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है। मगर कुछ लोग इसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर आरोपी पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
सरपंच ने जताई नाराजगी
ग्राम पंचायत भरछा के सरपंच चंद्रप्रकाश राजपूत ने भी इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा— “पंचायत निधि से लाखों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण कराया गया था। इस वृक्षारोपण से गांव का पर्यावरण बेहतर हो सकेगा। लेकिन कुछ लोग इसे नुकसान पहुंचाने पर आमादा हैं। जब बाबा अशोक दास ने इसे रोकने की कोशिश की तो उन पर हमला किया गया। यह बेहद निंदनीय है और आरोपी पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।”
ग्रामीणों ने जताई चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण केवल सरकारी काम नहीं, बल्कि गांव की धरोहर है। इसे बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है। अगर ऐसे कृत्यों पर रोक नहीं लगाई गई तो पर्यावरण को नुकसान होगा और प्रशासन की मेहनत भी व्यर्थ जाएगी।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भरछा गांव की यह घटना सिर्फ एक साधु पर हमले का मामला नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ मुद्दा है। वृक्षारोपण जैसे कार्यों को सफल बनाने के लिए पूरे समाज को जागरूक होना होगा। साथ ही, ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी जो जनहित के कार्यों में बाधा डालते हैं।