CMHO ऑफिस पर लोकायुक्त की दबिश, करोड़ों की खरीदी पर उठे सवाल, जांच में खुलेंगे राज
एमपी के उमरिया से इस वक्त की बड़ी खबर… जिले के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों की खरीदी पर लोकायुक्त ने शिकंजा कस दिया है। रीवा से पहुंची लोकायुक्त टीम ने बुधवार को CMHO कार्यालय में दबिश दी, जहां घंटों तक जांच चलती रही। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त की यह कार्रवाई वर्ष 2016, 2017 और 2018 में हुई उस खरीदी से जुड़ी है, जिसके लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति तो ली गई,
लेकिन सामान खरीदा ही नहीं गया। इस गड़बड़ी की शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची, जिसके बाद कार्रवाई की गई। निरीक्षक सतुराम मरावी के नेतृत्व में लोकायुक्त की टीम ने CMHO कार्यालय से खरीदी से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, टीम को शिकायत मिली थी कि तीन साल तक मंजूरी मिलने के बावजूद खरीदी की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और रकम का गमन किया गया। इसी शिकायत की जांच के लिए टीम उमरिया पहुंची।
सूत्रों की मानें तो यह पूरा मामला जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) मद से जुड़ा है। आरोप है कि करोड़ों रुपये की राशि का दुरुपयोग हुआ। दस्तावेज बताते हैं कि उस समय इस पूरी खरीदी की देखरेख तत्कालीन प्रभारी अधिकारी कौशल साकेत के अधीन थी। ऐसे में जांच का दायरा अब उनके इर्द-गिर्द भी घूमने लगा है। लोकायुक्त निरीक्षक सतुराम मरावी ने बताया कि हमें शिकायत मिली थी कि कई वर्षों तक खरीदी की मंजूरी के बावजूद सामग्री खरीदी नहीं की गई।
दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं और मामले की जांच जारी है। लोकायुक्त की दबिश के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज है। सवाल यह है कि आखिर कितने करोड़ का गमन हुआ और कौन-कौन इस अनियमितता में शामिल है। फिलहाल दस्तावेजों की जांच चल रही है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।