बेटा न होने पर पति ने की दूसरी शादी, तीन बेटियों संग घर से निकाली पत्नी
एमपी के छतरपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को सिर्फ इसलिए घर से निकाल दिया गया क्योंकि उसने बेटे को जन्म नहीं दिया। मामला नौगांव थाना क्षेत्र के चौखड़ा गांव का है, जहां पीड़ित महिला अब अपनी तीन छोटी बेटियों के साथ न्याय की गुहार लगा रही है। पीड़िता सोनू यादव की शादी वर्ष 2019 में महोबा जिले के खैरारी गांव निवासी हुकुम यादव से हुई थी।
सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन जैसे-जैसे बेटियां जन्म लेती गईं, परिवार का रवैया बदलता गया। सोनू का आरोप है कि उसके पति को हर हाल में बेटा चाहिए था। लेकिन जैसे ही दो महीने पहले तीसरी बेटी का जन्म हुआ, हुकुम यादव ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और दूसरी शादी रचा ली। सोनू यादव, पीड़ित महिला ने बताया कि तीन बेटियां होने के बाद पति ने मुझे कह दिया कि जब तक बेटा नहीं होगा, घर में जगह नहीं है। अब मुझे और मेरी बच्चियों को निकाल दिया। मैं न्याय चाहती हूं।
बेसहारा हुई सोनू तीनों बच्चियों के साथ अब दर-दर भटकने को मजबूर है। मंगलवार को वह छतरपुर एसपी कार्यालय पहुंची और अपने साथ हुए अन्याय की लिखित शिकायत दी। महिला ने अधिकारियों से मांग की है कि उसके पति पर कड़ी कार्रवाई की जाए और उसे व उसकी बेटियों को न्याय मिले। यह मामला न सिर्फ महिला उत्पीड़न का उदाहरण है, बल्कि समाज में व्याप्त बेटे-बेटी के भेदभाव पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
आज भी कई जगहों पर बेटियों को बोझ और बेटों को वंश का आधार माना जाता है। ऐसे में पीड़ित महिला की यह गुहार प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी जल्दी इस मामले में कार्रवाई करता है और क्या वाकई सोनू व उसकी बेटियों को इंसाफ मिल पाएगा, या फिर यह गुहार भी कागजों में ही दबकर रह जाएगी।