किडनी फेल से 3 बच्चों की मौत, 6 का इलाज जारी – जांच के लिए ICMR टीम पहुंची
एमपी के छिंदवाड़ा जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बीते 15 दिनों में किडनी फेल होने से 3 मासूम बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि 6 बच्चे अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी और जान से जूझ रहे हैं। मामला गंभीर है और अब इसकी जांच के लिए ICMR की टीम भी छिंदवाड़ा पहुंच गई है। जानकारी के मुताबिक, प्रभावित बच्चों को शुरुआत में सिर्फ हल्का बुखार और जुकाम की शिकायत हुई थी। परिजन उन्हें पास के निजी अस्पतालों में ले गए, जहां सामान्य इलाज के बाद बच्चे ठीक लगने लगे। लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति बिगड़ी और अचानक पेशाब की मात्रा कम हो गई। जांच में किडनी इंफेक्शन सामने आया। हालत बिगड़ने पर कई बच्चों को नागपुर रेफर किया गया, जहां 3 मासूमों ने दम तोड़ दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल से स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्यीय टीम और ICMR की टीम जांच के लिए परासिया पहुंची है। अधिकारी तीन दिन तक यहां रहकर प्रभावित गांवों का सर्वे करेंगे। सोमवार को टीम ने परासिया, न्यूटन चिकली और आसपास के गांवों का दौरा किया और मृतक बच्चों के परिजनों से बातचीत की। मृतक बच्चे के पिता बोले कि बेटे को पहले कभी बड़ी बीमारी नहीं हुई थी। इस बार हल्का बुखार आया तो दवा दी, ठीक भी हो गया। लेकिन दोबारा बुखार आया और उसकी पेशाब बंद हो गई। नागपुर ले गए, लेकिन बचा नहीं पाए। हमें समझ ही नहीं आया कि इतनी जल्दी हालत कैसे बिगड़ गई। डॉक्टरों ने कहा किडनी फेल हो गई है।
परासिया के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अंकित सहलाम ने कहा कि पांच साल तक के बच्चों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। सर्वे टीम घर-घर जाकर सैंपल ले रही है। यह समय बच्चों के लिए संक्रमण के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, लेकिन अचानक किडनी इंफेक्शन होना चिंता का विषय है। बीएमओ परासिया अंकित सहलाम ने बताया कि हमने सर्वे और स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। हर बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। यह स्थिति गंभीर है और हम लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। छिंदवाड़ा की यह घटना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि असली वजह सामने आ सके और बाकी बच्चों को समय रहते बचाया जा सके।