जेल से भागा कैदी, लोगों ने चोर समझकर दबोचा फिर निकला हत्या का आरोपी
एमपी के छिंदवाड़ा से बड़ी खबर जिला जेल में मर्डर के आरोप में बंद एक कैदी ने दीवार फांदकर भागने की कोशिश की। लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया। बाहर मौजूद लोगों ने उसे चोर समझकर पकड़ लिया। पूछताछ में जब कैदी ने अपनी पहचान बताई तो हर कोई दंग रह गया। मामला छिंदवाड़ा जिला जेल का है। यहां बरेली निवासी विचाराधीन कैदी आसिफ हत्या के मामले में बंद था।
मौका पाकर उसने पुरानी जेल की दीवार फांद दी। लेकिन बाहर पहुंचते ही दूसरी बाउंड्री वॉल में फंस गया। इस दौरान बाहर मौजूद लोगों ने उसे भागते देखा और चोर समझकर पकड़ लिया। लोगों ने जब कड़ी पूछताछ की तो आसिफ ने खुद कबूल किया कि वह मर्डर के मामले में जेल में बंद है और वहां से भागने की कोशिश कर रहा था।
जेल अधीक्षक प्रतीक जैन ने बताया कि छिंदवाड़ा की जिला जेल काफी पुरानी है और उसकी दीवारें अपेक्षाकृत छोटी हैं। आसिफ की ऊंचाई ज्यादा होने से वह आसानी से उस पर चढ़ गया। हालांकि, जेल प्रशासन ने तुरंत चौकसी दिखाते हुए उसे दोबारा हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सुरक्षा के इंतजाम, पुरानी दीवारें और कमजोर बाउंड्री को लेकर चर्चा तेज है।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उन्होंने कैदी को पकड़ न लिया होता तो वह आसानी से फरार हो जाता। छिंदवाड़ा जेल से भागने का यह मामला एक बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। सवाल यही है कि जब कैदी की ऊंचाई से दीवारें छोटी पड़ रही हैं, तो आखिर सुरक्षा इंतजाम कब तक यूं ही ढीले रहेंगे?