Sagar - नरेन नदी हादसे से सबक नहीं, बच्चे और युवा अब भी जान जोखिम में डालकर कर रहे स्नान
सागर जिले के खुरई के नरेन नदी विसर्जन घाट पर कुछ दिन पहले हुए दर्दनाक हादसे को लोग अब तक भुला नहीं पाए हैं। उस हादसे में एक मासूम बच्चे के साथ उसे बचाने कूदा युवक भी नदी की गहराई में समा गया और दोनों की मौत हो गई। इस घटना के बाद उम्मीद की जा रही थी कि लोग सबक लेकर सतर्कता बरतेंगे, लेकिन हकीकत इससे बिलकुल उलट है। लोग अब भी लापरवाही छोड़ने को तैयार नहीं हैं और अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
सागर टीवी न्यूज़ की टीम ने जब ग्रामीण इलाकों का दौरा किया तो चौंकाने वाले दृश्य सामने आए। कई जगहों पर छोटे-छोटे बच्चे और युवा खुलेआम नदियों, खेतों के कुओं और डबरियों में स्नान करते दिखाई दिए। इस दौरान न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम थे और न ही अभिभावकों की निगरानी।
स्थानीय लोग बताते हैं कि क्षेत्र में पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन न तो प्रशासन गंभीर हुआ और न ही ग्रामीण। हादसे के बाद कुछ दिन अधिकारियों की फटकार और दिशा-निर्देश चलते हैं, फिर सबकुछ पहले जैसा हो जाता है। यही वजह है कि हर साल इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती हैं। आप इन तस्वीरों में देख सकते हैं कि कैसे बच्चे न केवल नदी में तैर रहे हैं,
बल्कि कई बार गहरे हिस्सों में जाने की कोशिश भी कर रहे हैं। यह लापरवाही कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है। सवाल यह है कि आखिर कब तक इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी? क्या प्रशासन केवल हादसे के बाद सक्रिय होगा या फिर लोगों की जान बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम भी किए जाएंगे? फिलहाल तो लोग खतरे के बीच मस्ती कर रहे हैं और मौत को दावत दे रहे हैं।