Sagar- स्मार्ट सिटी सड़कों का भुगतान अटका, हाईकोर्ट ने कलेक्टर-आयुक्त सहित 11 को भेजे नोटिस
सागर स्मार्ट सिटी के तहत बनी सड़कों का मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। ठेकेदार अजय बिल्डकॉन ने 90 फीसदी काम पूरा करने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने पर कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद कलेक्टर, संभागायुक्त और सीईओ जिला पंचायत सहित 11 अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
स्मार्ट सिटी के कामों में लगातार देरी और ठेकेदारों का बकाया भुगतान न होने की शिकायतें पहले भी उठ चुकी हैं। लेकिन अब अजय बिल्डकॉन की याचिका पर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए सीधे प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब मांगा है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन भुगतान अटका हुआ है। आर्थिक संकट झेल रहे ठेकेदार ने जब आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
आरटीआई दस्तावेजों से सामने आया कि कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति बिना किसी औपचारिक आदेश के स्मार्ट सिटी कार्यालय से प्रोजेक्ट के कई अहम दस्तावेज ले गई और अब तक उन्हें वापस नहीं किया। इस वजह से बिलों का मूल्यांकन और भुगतान की प्रक्रिया ठप पड़ी है।
स्मार्ट सिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने कई बार इन दस्तावेजों की मांग की और कलेक्टर-आयुक्त को लिखित शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि समिति का गठन और दस्तावेज ले जाने की पूरी कार्रवाई एक ही दिन, 8 मई 2025 को हुई, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब हाईकोर्ट ने पीएस अर्बन एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट, तत्कालीन संभागायुक्त, कलेक्टर संदीप जीआर, सीईओ जिला पंचायत विवेक केवी, ट्रेजरी ऑफिसर सहित 11 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।