सागर- मोटापा कुछ रोगों में बचावकारी भी हो सकता है – बीएमसी की रिसर्च ने दिखाए नए आयाम
सागर- मोटापा कुछ रोगों में बचावकारी भी हो सकता है – बीएमसी की रिसर्च ने दिखाए नए आयाम स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस में डॉ. के. मनीषा को मिला द्वितीय स्थान
सागर। परंपरागत रूप से मोटापे (Obesity) को कई बीमारियों का मुख्य कारण माना जाता है, और यह तथ्य काफी हद तक सही भी है। अधिकतर भारतीय या तो कुपोषण/भुखमरी से पीड़ित हैं या फिर मोटापे जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। खासतौर पर मध्यम और उच्च वर्ग में कैलोरी-रिच लेकिन विटामिन-डिफिशिएंट भोजन का सेवन इस समस्या को और बढ़ाता है।
हालांकि, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में चल रहे एक शोध में एक रोचक तथ्य सामने आया है। शोध के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान दिए जाने वाले स्पाइनल एनेस्थीसिया के बाद होने वाले सिरदर्द (Headache) की समस्या मोटापे से ग्रस्त मरीजों में अपेक्षाकृत कम पाई गई है।
बीएमसी मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि इस शोध पत्र को बीएमसी के एनेस्थीसिया विभाग की स्नातकोत्तर छात्रा डॉ. के. मनीषा ने जबलपुर में आयोजित एनेस्थीसिया विषय की स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत किया। शोध की सटीक डिजाइन और तात्कालिक सवालों के प्रभावी उत्तर देने के लिए डॉ. मनीषा को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। यह शोध प्रो. डॉ. सर्वेश जैन, डॉ. मनोज साहू और डॉ. प्रीति साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
डॉ. मनीषा मूल रूप से विजयवाड़ा, आंध्रप्रदेश की निवासी हैं और वर्तमान में बीएमसी, सागर में पीजी कर रही हैं। हाल के वर्षों में बीएमसी सागर की शैक्षणिक और शोध गतिविधियाँ राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं, जिसके चलते देशभर के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी यहाँ पीजी सीट का चयन कर रहे हैं। एनेस्थीसिया विभाग छात्रों को उच्च कोटि की सैद्धांतिक और प्रायोगिक शिक्षा देने के लिए विशेष पहचान बना चुका है।