Sagar- चिरचिटा में शराब पर पूरी तरह रोक, ग्रामीणों ने लगाया प्रतिबंध, पुलिस से कार्रवाई का भरोसा
सागर जिले की देवरीकलां के ग्राम चिरचिटा के ग्रामीणों ने नशामुक्त समाज की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को आयोजित विशेष बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में अब शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस निर्णय के बाद पुलिस को ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने की मांग भी की गई।
यह पहल भगवती मानव कल्याण संगठन देवरी के तत्वावधान में की गई, जो परमहंस शक्तिपुत्र महाराज के निर्देशन में नशामुक्ति, मांसाहार मुक्ति और जनजागरण अभियान चला रहा है। संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि गांव-गांव में पनप रही शराबखोरी ने समाज में अपराध, हिंसा और पारिवारिक कलह को जन्म दिया है। अब इस पर सख्ती से रोक लगाना समय की जरूरत है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि 12 सितंबर से कोई भी व्यक्ति शराब नहीं पिएगा और न ही बेचेगा। नियम तोड़ने पर कठोर दंड का प्रावधान रखा गया है। शराब बेचने पर 11 हजार रुपये का जुर्माना, शराब पीने या गाली-गलौज करने पर 5100 रुपये का जुर्माना, जुर्माना न भरने पर संबंधित व्यक्ति को गांव से निष्कासित किया जाएगा। इस बैठक में सरपंच भगवती रानी, अरविंद दीक्षित, पुरुषोत्तम बेस, कृष्ण कुमार, मुन्ना सिंह लोधी, किरण, भूरी बाई, संतोषी बाई, चंद्र रानी, कल्पना, संध्या रानी, भारती, लक्ष्मी रानी, सरोज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि नशामुक्त समाज ही विकास और शांति की असली नींव है। पुलिस प्रशासन से भी मांग की गई कि चिरचिटा और आसपास के इलाकों में अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।