Sagar -ऑफिस से निकले जंगल में मिले लेखापाल, मंत्री गोविन्द सिंह ने हटवाया चक्काजाम
सागर जिले के राहतगढ़ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर परिषद राहतगढ़ में पदस्थ लेखापाल हेमराज कोरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद नगर में हड़कंप मच गया है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था और 40 लाख रुपये की मांग की गई थी। जानकारी के मुताबिक, लेखापाल हेमराज कोरी ऑफिस से दोपहर करीब दो बजे सेविंग करवाने का कहकर निकले थे।
जब काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो नगर परिषद के कर्मचारियों ने उनकी तलाश शुरू की। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनकी खोजबीन की तो बड़ा पुल, बीना नदी के नीचे उनका शव बरामद किया गया। पास में उनकी एचएफ डीलक्स बाइक, दो शराब के खाली क्वार्टर और दवा की पुड़िया भी मिली है।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सतेंद्र जैन नामक व्यक्ति लगातार आरटीआई लगाकर उन्हें परेशान कर रहा था और हाल ही में 40 लाख रुपये की मांग भी की थी। इसी दबाव के चलते उनके भाई ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से गुस्साए नगर परिषद कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि जब तक आरोपी पर कार्यवाही नहीं होती, तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि तीन दिन बाद जल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
वहीं, इस मामले पर एसडीओपी योगेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि प्राथमिक तौर पर मामला मानसिक तनाव का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। वहीं शुक्रवार को परिजनों ने चक्काजाम कर दिया। लेखापाल की जान जाने के राहतगढ़ नगर परिषद ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सच सामने आता है और परिजनों के आरोपों पर पुलिस क्या कदम उठाती है।