मूसलधार बारिश, शिप्रा नदी उफान पर, रामघाट-दत्त अखाड़ा डूबे, शिप्रा घाट पर मंदिर जलमग्न
लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शिप्रा नदी उफान पर है और घाटों पर बने कई मंदिर पानी में समा गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में बुधवार रात से जारी मूसलधार बारिश ने शहर को बेहाल कर दिया। शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर बने मंदिर जलमग्न हो गए। वहीं, शहर के कई निचले इलाकों जैसे बहादुरगंज, एटलस चौराहा, केडी गेट, नीलगंगा, इंदौर गेट और दशहरा मैदान में पानी भर गया है। स्थानीय लोग जलभराव से परेशान हैं और आवाजाही ठप हो गई है।
बारिश का कहर सिर्फ उज्जैन तक सीमित नहीं है। आसपास के देवास और इंदौर में भी जोरदार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। बीती रात उज्जैन में 3.36 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे अब तक कुल बारिश का आंकड़ा 25 इंच तक पहुंच गया है। शिप्रा नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। उज्जैन-बड़नगर मार्ग स्थित छोटा ब्रिज पूरी तरह पानी में डूब चुका है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है।
वहीं, रामघाट पर नगर निगम, होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में स्थिति और गंभीर हो सकती है। कुल मिलाकर उज्जैन में शिप्रा का बढ़ता जलस्तर और शहर के निचले इलाकों में जलभराव प्रशासन और आम जनता, दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।