फॉरेस्ट की कार्रवाई पर सियासी बवाल, 12 आदिवासी जेल भेजे जाने पर कांग्रेस का हंगामा |SAGAR TV NEWS|
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन विभाग की कार्रवाई ने राजनीतिक रंग ले लिया है। 12 आदिवासी ग्रामीणों को जेल भेजे जाने के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने एसडीओ भूरा गायकवाड़ को हटाने की मांग उठाई है। 31 अगस्त को एमपी के उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र (कोर) में वन विभाग की मानसून गश्ती के दौरान बड़ी कार्रवाई हुई थी। विभाग ने मझौली और पतौर बीट के कंपार्टमेंट नंबर 399, 403 और 404 से 12 आदिवासी ग्रामीणों को पकड़ा था। आरोप था कि ये लोग पिहरी उखाड़कर मोटरसाइकिल से ले जा रहे थे और साथ ही वन्य प्राणियों का पीछा भी कर रहे थे। मौके से 6 मोटरसाइकिल जब्त कर सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया।
इस कार्रवाई के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने बड़ा मोर्चा खोल दिया। जिलाध्यक्ष इंजीनियर विजय कुमार कोल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण वन परिक्षेत्र अधिकारी के दफ्तर पहुंच गए और घेराव किया। कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि विभाग परंपरागत जरूरतों के लिए जंगल से सामग्री लाने वाले आदिवासियों को झूठे मामलों में फंसा रहा है। ज्ञापन में एसडीओ भूरा गायकवाड़ को तत्काल हटाने और ग्रामीणों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग की गई।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई जल्द नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। मौके पर नायब तहसीलदार सतीष सोनी, एसडीओपी नागेंद्र प्रताप सिंह और इंदवार थाना प्रभारी गोविंद सिंह सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आ गई।