DAP-यूरिया के लिए लाइन में किसान, पंचायत पर ब्लैक मार्केटिंग का आरोप, खाद घोटाले से बढ़ा गुस्सा
एमपी के रीवा जिले के सेमरिया क्षेत्र से एक बार फिर किसानों की परेशानी सामने आई है। यहाँ खाद की किल्लत ने किसानों को बेहाल कर दिया है। सुबह 5 बजे से ही सैकड़ों किसान सरकारी केंद्रों पर लाइन में लग जाते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। धान की रोपाई का समय चल रहा है और ऐसे में DAP और यूरिया की कमी किसानों की चिंता और बढ़ा रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे। प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि आपूर्ति धीरे-धीरे सुधारी जा रही है और जल्द ही पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगी, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी कह रहे हैं।
इधर, रीवा जिले की टीकर ग्राम पंचायत से गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ ग्रामीणों ने सरपंच पति शंकर दयाल गुप्ता पर यूरिया खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि खाद खुले बाजार में ब्लैक में बेची जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत पर पत्रकारों ने जब मामले को उजागर किया, तो उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की। शिकायत पुलिस तक भी पहुँचाई गई है।
इस घटनाक्रम से इलाके में किसानों का आक्रोश और बढ़ गया है। एक ओर जहाँ सेमरिया में किसान खाद के लिए परेशान हैं, वहीं टीकर में कालाबाजारी के आरोप स्थानीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।