Sagar- स्मार्ट मीटर और बिजली निजीकरण के खिलाफ उपभोक्ता सड़कों पर, सागर में निकाली रैली
बिजली के स्मार्ट मीटर, निजीकरण और मीटर में ऑटोमैटिक बिजली कटने व जुड़वाने पर लगाए जा रहे फाइन को लेकर बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन सागर ने सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा गया। संयोजक एडवोकेट राम सिंह ने बताया कि प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज़ी से चल रहा है।
लेकिन जिन कॉलोनियों में यह मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कई परिवारों का कहना है कि पहले उनका बिजली बिल कम आता था, लेकिन अब 2000 से 5000 रुपये तक के बिल आने लगे हैं। इतना ही नहीं, बिल समय पर न भरने पर बिजली सप्लाई तुरंत काट दी जाती है और दोबारा कनेक्शन जोड़ने पर करीब 350 रुपये का फाइन भी देना पड़ता है।
एसोसिएशन का आरोप है कि स्मार्ट मीटर आम जनता के फायदे के लिए नहीं बल्कि बिजली कंपनियों की लूट बढ़ाने के लिए लगाए गए हैं। स्मार्ट मीटर में अलग-अलग समय पर अलग-अलग टैरिफ लागू हैं, जिससे उपभोक्ताओं को ज्यादा खपत के समय महंगी बिजली भरनी पड़ रही है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि बिजली मूलभूत आवश्यकता है और उपभोक्ताओं का अधिकार है कि पहले बिजली का उपयोग करें और बाद में बिल अदा करें।
उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तुरंत बंद हो और पुराने मीटर वापस लगाए जाएं। बिजली बिल भरने में देरी पर बिजली काटना और फाइन लगाना बंद किया जाए। उपभोक्ताओं को फिर से प्रिंटेड बिल दिए जाएं और अतिरिक्त चार्ज की वसूली रोकी जाए। बिजली संशोधन अधिनियम 2022 वापस लिया जाए और बिजली के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। जिन उपभोक्ताओं के बिल ज्यादा आ रहे हैं, उनकी जांच कर बिल सुधारे जाएं।
एडवोकेट राम सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने इस योजना को नहीं रोका तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन होगा। आज के विरोध में विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में उपभोक्ता शामिल हुए, जिनमें संदीप ठाकुर, एड. रामगोपाल उपाध्याय, डॉ. रामावतार शर्मा, भावना तिवारी, कृष्णकांत राय, कपिल, अभय, कोमल पटेल समेत कई लोग मौजूद रहे।