पुलिस हिरासत में युवक की मौ-त, बाइक चोरी के शक में पकड़ा , परिजनों का धरना, चार पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अमोला थाना क्षेत्र में बाइक चोरी के आरोप में पकड़े गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक की जान पुलिस की मारपीट से गई है। वहीं, मामले की गंभीरता देखते हुए एमपी के शिवपुरी जिले के एसपी अमन सिंह राठौर ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
दरअसल, रविवार को एमपी के शिवपुरी में कोतवाली पुलिस ने ग्राम मामोनी से तीन युवकों को बाइक चोरी के शक में पकड़ा था। बताया जा रहा है कि पकड़े गए युवक नशे की हालत में थे। पुलिस ने इन्हें देर रात सर्कुलर रोड स्थित प्रतिज्ञा नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया। लेकिन आधी रात को इनमें से एक युवक दिनेश लोधी की हालत बिगड़ गई और सुबह उसकी जान चली गई।
मामले ने तूल तब पकड़ा जब मृतक के परिजन और ग्रामीण पुलिस पर मर्डर के आरोप लगाते हुए चौराहे पर धरने पर बैठ गए। मृतक की पत्नी का कहना है कि पुलिस बिना वजह उसके पति को गांव से उठाकर ले गई और इतनी मारपीट की कि उसकी जान चली गई। उसने सवाल उठाया कि अब उसके बच्चों की परवरिश कौन करेगा।
उधर, एसपी अमन सिंह राठौर ने कहा कि कोतवाली पुलिस की टीम बाइक चोरी की जांच में तीन लोगों को लाई थी। इनमें से दिनेश की तबीयत बिगड़ी और उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया, जहां उसकी जान चली गई। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी और पोस्टमार्टम भी न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में होगा। फिलहाल चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी।
इस घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर हिरासत में जान कब तक जाती रहेंगी और पुलिस जवाबदेही कब तय होगी।