सागर बांध डूब प्रभावितों को मुआवज़ा न देने पर, NHDC दफ्तर में कोर्ट की कुर्की कार्रवाई से हड़कंप !
इंदिरा सागर बांध के डूब प्रभावितों को मुआवज़ा न देने पर खंडवा के NHDC कार्यालय में बुधवार को कोर्ट की कुर्की कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई से ऑफिस में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर जिला न्यायालय की टीम द्वारा की गई। टीम करीब तीन घंटे तक NHDC कार्यालय में रही और कंप्यूटर, प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण समेत कई सामान जब्त किए गए। दरअसल, यह मामला खंडवा, मध्यप्रदेश के खंडवा देवास जिले के किसान दशरथ पिता नानू से जुड़ा है, जिन्हें 48 लाख रुपए मुआवज़ा मिलना था। लेकिन NHDC द्वारा राशि का भुगतान न करने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और कुर्की का आदेश दिया।
कोर्ट के वाहन के साथ जब वकील और कर्मचारी कार्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी हैरान रह गए। कार्रवाई के दौरान पूरे ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई। प्रभावितों के वकील प्रणेंद्र राकां ने कहा – यह डूब पीड़ितों की ऐतिहासिक जीत है। कोर्ट ने साफ आदेश दिए थे, लेकिन NHDC ने उसका पालन नहीं किया। मजबूरी में कुर्की करानी पड़ी। दूसरी ओर, NHDC की वकील सुनीता रेवारी ने कहा – हम इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे और वहां अपना पक्ष रखेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार, ऐसे कुल 36 मामले हैं, जिनमें NHDC को कई करोड़ रुपए का मुआवज़ा प्रभावितों को देना है। लेकिन सालों से भुगतान नहीं हुआ। अब यह कार्रवाई बाकी मामलों में भी उम्मीद की किरण बनकर देखी जा रही है। डूब प्रभावितों ने इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया है। अब देखना यह है कि NHDC सुप्रीम कोर्ट में क्या रुख अपनाता है और क्या प्रभावितों को उनका हक़ मिल पाता है या नहीं।