खाद के लिए हाहाकार, पूरी रात लाइन में लगे किसान, फिर भी नहीं मिला यूरिया, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
किसानों के सब्र का बांध तब टूट गया जब रातभर लाइन में लगने के बाद भी उन्हें यूरिया नहीं मिला। नाराज किसानों ने बुधवार दोपहर मध्यप्रदेश के हरदा कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया और प्रशासन से खाद की तत्काल व्यवस्था की मांग की। मंगलवार-बुधवार की रात से ही सैकड़ों किसान यूरिया के लिए सरकारी गोदामों और सोसाइटियों के बाहर लाइन में खड़े थे। उन्हें टोकन भी दे दिए गए थे, लेकिन जब तक बारी आई, तब तक स्टॉक खत्म हो चुका था। भीषण गर्मी में लाइन में लगे लछोरा गांव के किसान अर्जुन कीर की तबीयत भी बिगड़ गई। किसानों का कहना है कि उन्होंने मक्का की बुवाई इस बार बड़े स्तर पर की है, लेकिन समय पर यूरिया नहीं मिलने से फसल बर्बादी के कगार पर है।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि बुधवार को जिले में 1100 मीट्रिक टन यूरिया सहकारी समितियों को और 300 मीट्रिक टन यूरिया प्राइवेट डीलरों को वितरित किया गया। लेकिन, किसानों को यह नहीं बताया गया कि प्राइवेट डीलर कौन-कौन हैं, जिससे सब डीएमओ गोदाम पहुंच गए और वहां अफरा-तफरी मच गई। लाइन में धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। तीन थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया, जिसने खुद टोकन बांटने शुरू किए। बावजूद इसके, किसानों को खाद नहीं मिली। किसान नेताओं का कहना है कि यह प्रशासन की नाकामी है। अगर यही हाल रहा तो किसान की फसल तो बर्बाद होगी ही, आने वाले समय में आंदोलन तय है।