बाढ़ पीड़ितों से मिले मुख्यमंत्री और सिंधिया मदद का भरोसा, तबाही का मंजर, सरकार करेगी भरपाई
बाढ़ की तबाही के बाद हालात का जायजा लेने आज केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे। गांव में कदम रखते ही उन्होंने देखा कि किस तरह सैकड़ों घर पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। लोगों के अनाज के बोरे, बर्तन और ज़रूरी सामान अभी भी टूटे घरों में दबे हुए हैं। एमपी के शिवपुरी ज़िले के पचावली में ग्रामीणों का कहना है कि अब तक सिर्फ़ राहत के नाम पर 50 किलो अनाज का एक कट्टा ही मिला है। इसके सहारे जैसे–तैसे गुज़ारा कर रहे हैं। गांव की रहने वाली रामवती ने रोते हुए बताया कि रात के वक्त अचानक नदी का पानी घर में घुस आया। कुछ भी संभालने का मौका नहीं मिला। देवर ने बच्चों को छत पर पहुंचाया, लेकिन घर में कुछ भी नहीं बचा।
इसी तरह शकुन नाम की महिला भी बताती हैं कि उन्हें भी अब तक बस एक कट्टा अनाज मिला है। इतने बड़े नुकसान के बाद भी राहत बहुत कम है। ग्रामीणों से मुलाक़ात के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह संकट की घड़ी है, लेकिन पूरा प्रशासन और सरकार आपके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस बार इंद्र देवता की कृपा कुछ ज़्यादा ही हो गई, जिससे बाढ़ की स्थिति बनी, मगर हम सबने मिलकर लोगों की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि नुकसान की भरपाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जान से बढ़कर कुछ नहीं होता, इसलिए प्रशासन ने रेस्क्यू कर 400 से ज़्यादा लोगों की जान बचाई है। सरकार की पूरी कोशिश है कि जो भी नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई जल्द से जल्द हो।