दो मासूमों की के साथ बड़ी अनहोनी, सोते-सोते हमेशा के लिए सो गए भाई-बहन, पुलिस ने शुरू की जांच
शहर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां ढांचा भवन क्षेत्र में रहने वाले दो मासूम बच्चों – 3 वर्षीय निशा और 7 वर्षीय हेमंत – की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। रात को दोनों बहन-भाई हंसी-खुशी सोए थे, लेकिन सुबह जब उनकी मां ने जगाने की कोशिश की, तो वे नहीं उठे। दरअसल एमपी के देवास में मृत बच्चों की मां प्रिया यादव ने बताया कि वह मूल रूप से मथुरा की रहने वाली हैं।
पति विष्णु कटारा से प्रेम विवाह किया था, लेकिन वैवाहिक विवाद के चलते वह अलग हो गईं और करीब डेढ़ महीने पहले देवास आकर विक्की जगदाले के मकान में किराए से रहने लगीं। प्रिया यहां नौकरी करने के लिए आई थीं और अपने दोनों बच्चों के साथ अकेली रह रही थीं। पड़ोस में रहने वाली रीना और उनके पति राकेश ने बताया कि शुक्रवार रात पास ही एक बच्चे का जन्मदिन मनाया गया था। सब कुछ सामान्य था। लेकिन शनिवार सुबह करीब 7 बजे प्रिया ने घबराते हुए बताया कि दोनों बच्चे उठ नहीं रहे। आनन-फानन में बच्चों को संस्कार हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। जिला चिकित्सालय पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मामले की सूचना मिलने पर औद्योगिक थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। बच्चों की जान जाने के कारण स्पष्ट नहीं होने से पुलिस इसे संदिग्ध मान रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही असली वजह सामने आएगी। बच्चों की मां प्रिया यादव ने रोते हुए बताया कि वह बच्चों को अपने साथ नई ज़िंदगी देने देवास आई थीं।
उन्हें ज़रा भी अंदाजा नहीं था कि ऐसा कुछ होगा। प्रिया ने कहा, “मेरे बच्चे रात तक ठीक थे… सुबह पता नहीं क्या हुआ… मेरी दुनिया ही उजड़ गई…” औद्योगिक थाना टीआई शशिकांत चौरसिया ने बताया कि बच्चों की जान संदिग्ध परिस्थितियों में गई है, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दो मासूमों की अचानक हुई जान जाने से पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है। पड़ोसी भी इस दर्दनाक घटना को समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर रात भर में ऐसा क्या हो गया, जिससे हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।