डॉक्टर के सरकारी बंगले पर नंबर लगाने को लेकर कहासुनी, CCTV में कैद तस्वीरें |SAGAR TV NEWS|
एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी डॉक्टर के बंगले पर मरीज को दिखाने के लिए नंबर लगाने को लेकर बड़ा विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई और यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। मामला एमपी के सागर संभाग के टीकमगढ़ जिला अस्पताल के पीछे स्थित डॉक्टर कॉलोनी का है। जानकारी के मुताबिक, एक युवक अपने साथी के साथ डॉक्टर को दिखाने के लिए गया था। जैसे ही वह डॉक्टर के सरकारी बंगले पर पहुँचा, वहां पहले से लाइन में खड़े कुछ अन्य मरीजों के परिजनों से नंबर को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह कहासुनी मारपीट में बदल गई। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को धक्का-मुक्की करते हुए जमकर लात-घूंसे चलाए। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू की।
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। दोनों तरफ से अनुज और नीरज यादव के खिलाफ मारपीट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर की गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि विवाद की शुरुआत किसने की और दोषी कौन हैं। अश्विनी ने बताया कि वह अपने दोस्त के इलाज के लिए डॉक्टर के बंगले पर गए थे, तभी वहाँ खड़े लोगों से बहस हो गई। वहीं, डॉक्टर योगेश यादव ने बताया कि वह रोज मरीजों को देखते हैं, लेकिन इस तरह का विवाद पहली बार हुआ।
उन्होंने कहा कि इलाज के लिए जो भी आता है, हम उसे देखते हैं, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर हंगामा करते हैं जिससे मरीजों को भी परेशानी होती है। सब इंस्पेक्टर मनोज द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिया है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि डॉक्टरों के घर पर भीड़ कैसे मैनेज की जाए और क्या मरीजों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई बेहतर व्यवस्था की जा सकती है। विकास राय ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि इलाज के लिए आए लोगों को संयम रखना चाहिए और डॉक्टरों को भीड़ को संभालने के लिए बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए। डॉ. योगेश यादव ने फोन पर बताया कि जिला अस्पताल में स्थित खुली पुलिस चौकी में हमारे द्वारा शिकायत की गई है। पुलिस चौकी द्वारा मेमो बनाकर कोतवाली भेजा गया है।