सागर शहर में घर और अस्पताल तक पहुंचने वाले जहरीले सांपों को पकड़कर अकील बाबा ने जंगल में छोड़ा
सागर शहर के अलग-अलग इलाकों से हाल ही में पकड़े गए बेहद जहरीले प्रजाति के कई सांपों को अब सुरक्षित जंगल में आजाद कर दिया गया है। सर्प विशेषज्ञ अकील बाबा ने वन विभाग की टीम के सहयोग से इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इन सांपों में रसल वाइपर, कॉमन करैत, ब्लैक कोबरा, घोड़ा पछाड़ और गुहेरो जैसी प्रजातियाँ शामिल थीं, जिन्हें विशेषज्ञ “चलती फिरती मौत” भी कहते हैं। इन सांपों को पकड़े जाने के बाद शहर से दूर एक घने जंगल में छोड़ा गया, ताकि वे अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रह सकें और इंसानों के लिए खतरा न बनें।
अकील बाबा ने बताया कि ज्यादातर सांप लोगों के घरों, मकानों, बरामदों और खाली पड़ी जगहों से पकड़े गए। सबसे चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर से भी एक जहरीला सांप पकड़ा गया। इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों से भी गुहेरो और अन्य प्रजातियों के सांपों को भी रेस्क्यू किया गया। लगातार हो रही बारिश के कारण इन दिनों सांप शहर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे नागरिकों में डर का माहौल बन गया था।
रेस्क्यू के बाद सांपों को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया वन विभाग की टीम की मौजूदगी में पूरी की गई। इस दौरान दक्षिण वन मंडल की टीम ने भी सक्रिय सहयोग दिया। अकील बाबा ने बताया कि सांपों को पकड़ने के बाद उन्हें इकोलॉजिकल बैलेंस के तहत वापस जंगल में छोड़ना ज़रूरी होता है, ताकि उनका जीवन भी सुरक्षित रह सके और शहरवासी भी सुरक्षित रहें।
अकील बाबा और वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में घरों के आसपास की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें, कचरा और लकड़ी का ढेर न लगाएँ, क्योंकि ये सांपों के छुपने की सबसे पसंदीदा जगह होती हैं। साथ ही यदि किसी को घर, दुकान या अस्पताल में सांप दिखाई दे, तो घबराने की बजाय तुरंत सर्प विशेषज्ञ या वन विभाग को सूचना दें, ताकि उसे सुरक्षित पकड़ा और रिहा किया जा सके।