मूसलाधार बारिश से बाढ़ में कई गांव डूबे, नदियों का रौद्र रूप देख डर जाएंगे आप
दमोह जिले में बीती रात मूसलाधार बारिश होने से तेंदूखेड़ा ब्लॉक में मंगलवार को ब्यारमा नदी अचानक उफान पर आ गई। तेज बारिश के बाद नदी का जलस्तर इतना अधिक बढ़ गया कि आसपास बसे दर्जनों गांवों में पानी भर गया। लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए। बाढ़ की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाना पड़ा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए। ब्यारमा के तेज बहाव से ग्राम खमतरा, बिल्तरा और सारसबगली पूरी तरह पानी में डूब गए।
वहीं दूसरी ओर नदी के इस पार बसे गांव—बमोहरी, कोटखेड़ा, कोसमदा और तारादेही का आधा क्षेत्र जलमग्न हो गया। इन गांवों में घरों के अंदर पानी घुस गया। पानी के बहाव ने हजारों एकड़ फसल को नष्ट कर दिया है। खेतों में लगी धान, सोयाबीन और अन्य फसलें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। गांव के जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ की स्थिति की पुष्टि की है।
झमरा ब्यारमा नदी का ऐसा रौद्र रूप देखा गया। तारादेही गांव तो चारों ओर से पानी में घिर गया। सबसे संवेदनशील मामला सामने आया बमोहरी मॉल गांव से, जहां विनीता पति वीरेंद्र रैकवार नामक गर्भवती महिला बाढ़ के पानी में फंस गई थीं। गांव के पास बहने वाला नाला तेज बहाव में टूट चुका था, जिससे रास्ता पूरी तरह कट गया था।
तेंदूखेड़ा एसडीएम सौरभ गंधर्व, जनपद सीईओ मनीष बागरी और एसडीओपी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से महिला का रेस्क्यू किया गया और 108 एंबुलेंस की सहायता से उन्हें सुरक्षित तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन अब भी कई गांवों में पानी भरा है। प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। वही कलेक्टर सुबह 5:00 बजे से ही बाढ़ के हालात पर नजर बनाए रखे हैं एवं सभी अधिकारियों को बाढ़ की हालत से निपटने के लिए तैयार किया है वहीं लोगों से बाढ़ वाले इलाकों से सुरक्षित वाले स्थान पर जाने की अपील कलेक्टर कर रहे हैं वहीं सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी सूचना प्राप्त होती है वहां पर लोगों का रेस्क्यू किया जाए