किसान खाद लेने अपनी माता और बहनों के साथ लगा था लाइन में, पुलिस ने झूठे मुकदमे किसान को जेल भेजने
सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में एक किसान को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजे जाने का मामला गरमा गया है। किसान दिनेश यादव के परिजन और कांग्रेस कार्यकर्ता एसडीओपी कार्यालय पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना वजह मारपीट कर किसान को गिरफ्तार किया और पक्षपात किया जा रहा है। ग्राम गोपालपुरा निवासी किसान दिनेश यादव के परिजन और सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार 28 जुलाई 2025 को बंडा एसडीओपी कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने एसडीओपी को ज्ञापन सौंपकर पुलिस द्वारा की गई कथित ज्यादती की निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में परिजनों ने लिखा कि 23 जुलाई को दिनेश यादव अपनी माता और बहनों के साथ खाद लेने के लिए लाइन में लगे थे, तभी भोला यादव और मुंशी आरक्षक मनीष यादव ने उनके साथ गाली-गलौज कर मारपीट की और थाने ले जाकर उन पर धारा 151 की कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
परिजनों का कहना है कि दिनेश यादव का गांव के कुछ लोगों से जमीन विवाद चल रहा है और इसी कारण साजिशन उन्हें झूठे केस में फंसाया गया। परिजनों ने पुलिस पर हमलावर पक्ष से मिले होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना कारण उनके परिवार के साथ अमानवीय व्यवहार किया, जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीण और पूर्व विधायक तरवर सिंह उर्फ बंटू भैया भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि किसान के साथ अन्याय हुआ है, जिसे हर हाल में सुधारा जाना चाहिए। पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी ने कहा, “किसान पहले से ही संकट में हैं और पुलिस की ज्यादती से हालात और बिगड़ रहे हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
दिनेश यादव के परिजन का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान दिनेश को बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह घायल भी हुए। बावजूद इसके उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय सीधे जेल भेज दिया गया। उन्होंने पुलिस पर अन्यायपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस ने हमलावर पक्ष से मिलीभगत कर यह सब किया है। परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए और यदि पुलिस कर्मियों की गलती पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।