पुलिस गिरफ्त था युवक और फिर अस्पताल में मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाए बड़े आरोप |SAGAR TV NEWS|
एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। नारकोटिक्स पुलिस विंग द्वारा 400 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किए गए युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई है। युवक की जान जाने के बाद परिजनों और करणी सेना से जुड़े पदाधिकारियों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और नारकोटिक्स अधिकारियों पर मर्डर के आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। दरअसल एमपी के मंदसौर नारकोटिक्स पुलिस विंग ने एक बाइक सवार युवक को एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार करने की कार्यवाही की। युवक की तबीयत खराब होने पर उसे निजी अस्पताल लाया गया, जहां उसकी जान चली गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने हंगामा किया और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
नारकोटिक्स पुलिस विंग द्वारा उज्जैन जिला निवासी बाइक सवार युवक महिपाल सिंह को 400 ग्राम एमडी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम युवक को नारकोटिक्स कार्यालय मंदसौर लेकर आई, जहां देर रात उसे पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। जिसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान युवक की जान चली गई। परिजनों ने नारकोटिक्स पुलिस विंग के अधिकारी राकेश चौधरी और भरत चावड़ा पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज करने और उन्हें सस्पेंड करने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण युवक की जान चली गई।
पुलिस ने मामले की जुडिशल जांच के आदेश दिए हैं और युवक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। मृतक के भाई नेपाल सिंह ने बताया कि पुलिस की लापरवाही के कारण उनके भाई जान चली गई है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और न्याय की मांग की है। डीएसपी नारकोटिक्स विंग राजेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि युवक की जान जाने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।