सागर-नेशनल हाईवे 44 जल निकासी ना होने से घरों और खेतों में भरा पानी,धारीवाल कंस्ट्रक्शन पर आरोप
सागर जिले के मालथौन के बरौदिया कलां में नेशनल हाईवे 44 पर बन रहे अंडरपास के पास जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार बारिश के चलते सर्विस रोड के किनारे पानी भर गया, जिससे करीब 20 एकड़ से ज्यादा फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो गईं। कई घरों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों का रहन-सहन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य कर रही धारीवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनी ने अंडरपास के साथ-साथ जल निकासी के लिए नाली नहीं बनाई, जिससे बारिश का पानी निकल नहीं सका। पहले बारिश का पानी पुलिया के जरिए तालाब तक पहुंच जाता था, लेकिन अब सर्विस रोड की ऊंचाई बढ़ा देने के कारण पानी घरों और खेतों में भर गया।
नपा एल्डरमैन मनीष पटाकर ने बताया कि उनका खेत सर्विस रोड के पास है और एक एकड़ से ज्यादा फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। खेत में अब भी पानी भरा हुआ है। घुमन लोधी, जिनका मकान सर्विस रोड के किनारे है, उन्होंने बताया कि रोड ऊंची होने और नाली नहीं बनने के कारण उनके घर में पानी घुस गया। घर में रहने की जगह तक नहीं बची, छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और छह से ज्यादा परिवार बुरी तरह प्रभावित हैं।
पीड़ित किसान मनीष पाटकर, घुमन लोधी, अंकित लोधी, ध्रुव ठाकुर और मुकुंद ठाकुर ने मिलकर अपनी फसल के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था और लापरवाह कंपनी पर कार्रवाई की भी मांग की है।
वहीं, जब इस विषय में हाईवे इंजीनियर आदर्श पांडे (DBL) से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जल्द ही जल निकासी का काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। जनता का कहना है कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बड़े निर्माण कार्यों में जनहित को नजरअंदाज करना किस तरह लोगों की जिंदगी को मुश्किलों से भर देता है।